“एक विधायक ने लिखा अपना दर्द..नहीं लडूंगा चुनाव क्योंकि पक्का है कि हार जाउंगा”.. आखिर किस पार्टी का है वो विधायक ?

लोकसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी गठबंधन सहित विपक्षी दलों के नेताओं के निकट के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया है. इस समय हर राजनैतिक दल में टिकट के लिए माथापच्ची चल रही है. जहाँ तमाम नेता टिकट के लिए भागदौड़ कर रहे हैं तो वहीं मध्यप्रदेश में कांग्रेस के बड़े नेता तथा पूर्व विधायक मुकेश नायक ने फेसबुक पेज पर पत्र जारी कर खुद के चुनाव नहीं लड़ने की मंशा जाहिर की है. उन्होंने कहा कि ‘वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते, यह मेरा त्याग नहीं है, बल्कि वे जानते हैं कि चुनाव हार जाएंगे.’

मुकेश नायक ने फेसबुक पेज पर पत्र जारी कर कहा कि ‘वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते। यह उनका कोई त्याग नहीं है, बल्कि वे जानते हैं कि चुनाव हार जाएंगे’।  पिछले विधानसभा चुनाव के खराब अनुभव का जिक्र करते हुए लिखा है कि ‘अपने खिलाफ एक ऐसे व्यक्ति को प्रचार करते देखा, जिसे उन्होंने स्वयं का खून देकर जीवन दिया था। जाति के आधार पर टिकट की मांग करने वालों पर नायक ने निशाना साधते हुए सवाल किया कि यह जातिवाद का कैसा विकृत स्वरूप है। आज जातिवाद ने संस्था का रूप ले लिया है।’

उन्होंने आगे लिखा कि, ‘लोकतंत्र और देश की राजनीतिक उत्कृष्टता को यह जातिवाद निगल जाएगा। आने वाले चुनाव में योग्यता न्याय प्रियता, संपर्क, संवाद जैसे गंभीर मुद्दों को अनदेखा करना घातक होगा। इसके एक दिन पहले दमोह, खजुराहो संसदीय सीट के संबंध में लिखे एक पत्र का उल्लेख भी नायक ने किया है। पत्र में उन्होंने सुझाव दिया था कि इस सीट से बहुत लोग टिकट मांग रहे हैं। ऐसें में संगठन को चाहिए कि सभी को कार्यालय में आमंत्रित कर चर्चा कर श्रेष्ठ नाम का चयन करें। अपने पहले पत्र में जाति के आधार टिकट मांगने वालों पर निशाना साधने के बाद चर्चा शुरू हो गई थी कि नायक खुद के लिए दावेदारी कर रहे हैं| जिसके बाद उन्होंने दूसरा पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है। वहीं अपनी पीड़ा भी जाहिर की है।’

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