हिंदूवादियों में खुशी की लहर है भाजपा व शिवसेना के एक होने से.. महाराष्ट्र में फिर भगवा लहर

तमाम हिंदूवादी समूहों ने इसको देश की जरूरत बताया था और आखिरकार उनके सपनों को सच होने जैसा ही प्रतिफल सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना ने एलान किया कि वो आने वाला चुनाव एक साथ ही लड़ेंगे.. ज्ञात हो कि भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना में गठबंधन का सबसे मजबूत आधार हिंदुत्व है जिसको ले कर दोनों संगठन एक लंबे समय से आगे बढ़ रहे हैं .. जहां पहले बाला साहब ठाकरे के आगे भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता प्रणाम की मुद्रा में दिखते थे तो वहीं बाला साहब ठाकरे ने भी गुजरात दंगों व श्रीराम मंदिर आदि अति सनसनीखेज मुद्दो पर खुल कर भाजपा का पक्ष लिया था ..

अब वही दोनों भगववादी सोच के नेताओं का दल एक साथ हो चला है . पिछले विधानसभा चुनावों में भी पहले नम्बर पर भाजपा व दूसरे नम्बर पर शिवसेना रही थी और बाद में तमाम राजनैतिक विवादों। के बाद दोनों ने मिल कर प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी.. शिवसेना व भाजपा का गठबंधन कम से कम ये जरूर तय कर गया है कि आने वाले चुनावों में हिन्दू वोटों का बंटवारा नहीं होने वाला है .. ये संकेत हिबदु वोटों को बिखेर कर मुस्लिम वोटबैंक व हिंदुओं से नाराज जातिवादी दलों का साथ ले कर सरकार बनाने की चाहत रखने वालों के लिए बहुत ही बुरी खबर है..शिवसेना ने अभी हाल में ही अपने मुखपत्र सामना में एक लेख के माध्यम से ये संकेत दिए थे कि जल्द ही उनके व भाजपा के बीच सब सामान्य होने जा रहा है .

हां-ना, हां-ना करते शिवसेना और बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में गठबंधन की घोषणा की गई। इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ”बीजेपी शिवसेना के करोड़ों कार्यकर्ताओं की मन की बात पूरी हो गई है। सभी चाहते थे कि बीजेपी और शिवसेना साथ चुनाव लड़े। उद्धव ठाकरे से विस्तृत चर्चा के बाद गठबंधन पर फैसला लिया गया। शिवसेना और अकाली दल ने हर मौकों पर बीजेपी का साथ दिया है। इसी टेबल पर आज मनमुटाव खत्म हो चुका है।” उन्होंने कहा कि हम सूबे के 48 सीटों में से 45 सीटों पर चुनाव जीतेंगे।

समझौते के तहत लोकसभा चुनाव में शिवसेना 23 और बीजेपी 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं विधानसभा चुनाव में 50-50 का फॉर्मूला होगा। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीजेपी और शिवसेना पिछले 25 साल से एक है। कुछ मुद्दों पर हमारे बीच मतभेद हुए होंगे। लेकिन दोनों पार्टियां हिंदुत्व की विचारधारा वाली पार्टी है। इसलिए इतने साल हम एक रहे।

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