हिन्दू वोटों की एकता का एलान.. शिवसेना ने संघ को बताया प्रखर राष्ट्रवादी और उमर खालिद, जिग्नेश मेवानी के समूह “यलगार” को “अल कायदा”


इस दिन का इंतजार भारत का हर वो व्यक्ति कर रहा था जो खुद को गर्व से हिन्दू कहता है और नहीं चाहता कि हिन्दुओ का विभाजन हो . शिवसेना ने २०१९ के अतिमहत्वपूर्ण लोकसभा चुनावों से ठीक पहले ही ऐसा कदम बढाया है जिसको एलान माना जा रहा है आने वाले चुनावो में हिन्दू वोटों की एकता का . शिवसेना के इस बयान के बाद ख़ुशी से झूम उठे हैं वो हिन्दू समूह जो आने वाले चुनावों में नहीं चाह रहे थे कि किसी भी प्रकार से भगवा वस्त्रधारियो में किसी भी प्रकार की दूरी बने .

ज्ञात हो कि शिवसेना के मुखपत्र सामना के सम्पादकीय में जो लेख आया है उसके बाद सब कुछ साफ़ हो गया है कि आने वाले चुनावों में भले ही एक दूसरे पर तमाम आरोप प्रत्यारोप कर चुकी शिवसेना और भाजपा फिर से एक होने जा रही हैं . शिवसेना ने खुल कर राष्टीय स्वयं सेवक संघ को एक प्रखर राष्ट्रवादी समूह बताते हुए हिन्दू संगठनो में दलित और सवर्ण के नाम पर फूट डालते लोगों को अल कायदा के जैसा खतरनाक बताया है .

शिवसेना ने साफ़ साफ़ कहा है कि दलितों के नाम पर हिन्दुओ को लड़ाने की साजिश करने वालों का एक ही मकसद है कि दुनिया भर में भारत की छवि को गिराना और भारत के विरोधियो को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बल देना . इतना ही नहीं शिवसेना ने वीर सावरकर जी के लिए अपनी राय रखते हुए कहा कि उनके विरोधियो ने ऐसे वीर बलिदानी को बदनाम किया है जो भारत के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया है . यलगार परिषद् की मंशा पर सवाल उठाते हुए शिवसेना ने प्रकाश आंबेडकर को भी नहीं छोड़ा और उनके तमाम बयानों को कटघरे में में खड़ा करते हुए उनको देश की विभाजक शक्तियों में गिना .

राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ के बारे में शिवसेना ने साफ साफ़ लिखा है कि वो ऐसा राष्ट्रवादी समूह है जो देश के ही मूल्यों से बना और खड़ा हुआ है . राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को आतंकी कहने वालों को शिवसेना ने साफ़ साफ़ कहा है कि उसने अपनी मानसिकता और विचार को कभी रूस या चीन के कदमो में नहीं रखा . ये निशाना सीधे सीधे वामपंथियो की तरफ था जिन्होंने लेनिन की मूर्ति के प्रति भारत माता से कहीं ज्यादा प्रेम और अपनापन दिखाया था . भीमा कोरेगांव् मामले में महाराष्ट्र पुलिस का पूरा समर्थन करते हुए शिवसेना ने अपील की कि आम जनता को पुणे पुलिस का साथ देना चाहिए जिसने निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए असली दोषियों को गिरफ्तार किया है .

इस मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर कई बार निशाना साधा था . कुल मिला कर ये बयान कांग्रेस और वामपंथियो के सपनों पर बड़ा प्रहार है जो शिवसेना और भाजपा की आपसी लड़ाई में हिन्दू वोटों का विभाजन मान कर चल रहे थे . भगवा शक्तियों के एक होने के बाद तमाम हिन्दू समूहों ने राहत की सांस ली है और शिवसेना के इस बयान का दिल खोल कर स्वागत किया है . शिवसेना के इस बयान से आने वाले चुनावो की तस्वीर भी लगभग साफ़ हो गयी है .

नीचे पढिये वो पूरा लेख –


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...