खुद गौरी लंकेश की बहन ने स्वघोषित EVM हैकर को बताया फ्राड..

गौरी लंकेश का नाम ले कर दुनिया भर की कहानियां गढ़ने वाले स्वंभू हैकर के दांव और दावो पर खुद गौरी लंकेश की बहन ने ही सवाल खड़े करते हुए इसकी आड़ में राजनीति करते तमाम स्वघोषितों को खामोश होने पर मजबूर कर दिया है. अचानक ही मीडिया में प्रकट हो कर सनसनी बटोर कर सैयद शुजा को उस समय और भी ज्यादा बल मिल गया जब उसके समर्थन में भारत के कई वो राजनेता भी हाँ में हाँ मिलाने लगे जो सेना तक के बयान पर यकीन न करने के बाद उस से लगातार सबूत मांगते रहे ..अब शायद उन्हें गौरी लंकेश की बहन के ऊपर भी प्रत्यारोप करने में हिचक न हो पर इस कड़ी में उनका बयान इस मामले को नई दिशा दे गया है ..

पत्रकार गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश ने स्वयंभू साइबर विशेषज्ञ एवं हैकर द्वारा किये गए इस दावे को खारिज किया कि लंकेश की इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैकिंग पर एक लेख लिखने की योजना बना रही थीं। इस मामले पर बोलते हुए गौरी की बहन कविता लंकेश ने कहा, ‘मैं इससे अवगत हूं और मेरा मानना है कि यह पूरी तरह से झूठ है। मैं नहीं मानती कि यह सच है। मुझे नहीं पता कि ऐसा इस तरह से क्यों कहा गया। मैं यह बिल्कुल भी नहीं मानती कि मेरी बहन को इसके लिए निशाना बनाया गया।

गौरी लंकेश की पांच सितम्बर 2017 की शाम में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जबकि दो संदिग्ध फरार हैं। पुलिस ने दावा किया है कि वामपंथ की तरफ झुकाव रखने वाली पत्रकार लंकेश की हत्या करने वाला एक दक्षिणपंथी सिंडिकेट दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था की ओर से लाये गए साहित्य से प्रेरित था और उसने लंकेश की हत्या ‘दुर्जन’ होने के लिए की, जैसा पुस्तक में उल्लेख किया गया था।

सैयद शुजा ने कहा कि वह लंकेश से मिला था और जब उनकी हत्या हुई उस समय वह चाहती थीं कि उनके साप्ताहिक में ईवीएम पर एक लेख प्रकाशित हो। कविता ने कहा, ‘हत्या एक राजनीतिक षड्यंत्र था लेकिन मेरा इस तरह के खुलासे में विश्वास नहीं है। अभी तक जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह मानती हैं कि इन दावों के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य हैं, उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है। यह फर्जी खबर है। मैं इसमें पड़ने की जरूरत नहीं है।

 

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