किसी को मिल रही पाकिस्तान से चुनौती तो केजरीवाल को मिल रही अपनी ही पार्टी से चुनौती .. अब अलका लाम्बा ने ये कहा

ये वो आम आदमी पार्टी है जो कभी अपने जहरीले बयानों , लापरवाही भरे कार्यो और संवेदनहीन नेताओं की नेतागीरी के लिए बदनाम थी . यद्दपि ये स्तर अभी कम नहीं हुआ है और इसमें महिला को खुलेआम कैमरे पर गाली देने वाले सोमनाथ भारती जैसे नेता सम्मानित पदों पर बैठाए गये है .. इसी के चलते पहले कपिल मिश्रा , फिर कुमार विश्वास , फिर योगेन्द्र यादव , फिर प्रशांत भूषण जैसे लोगों ने एक एक कर के इनसे किनारा कर डाला और अब इस पार्टी में मच गया है आंतरिक घमासान .

विदित हो कि जहाँ एक तरफ देश धारा 370 हटाए जाने के बाद से सतर्क और चौकस हो कर गद्दारों ही नहीं पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए खुद को तैयार कर रहा है तो वही एक ऐसी पार्टी है जिसमे आंतरिक घमासान चलने लगा है . यहाँ पर तानाशाह के रूप में प्रस्तुत हो रहे हैं अरविन्द केजरीवाल और उनकी तानाशी के खिलाफ बगावत कर रहे हैं एक एक कर के उनसे जुड़े हुए सभी नेता .. अब इसमें नम्बर लगा है अलका लाम्बा का जो चांदनी चौक से विधायक हैं .

दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) से नाराज चल रहीं चांदनी चौकी से पार्टी विधायक अलका लांबा ने रविवार कहा कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है और आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ेंगी। इसके साथ ही अलका लांबा ने ‘आप’ को चुनौती दी है कि अगर दम हो तो उन्हें पार्टी से बाहर निकाल कर दिखाएं। AAP विधायक ने बताया कि वह जल्द पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देंगी, लेकिन विधायक के तौर पर कार्य करना जारी रखेंगी।

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