जिस शिवसेना से कांग्रेस ने कभी पाल रखी थी तमाम उम्मीदें उसी शिवसेना ने राहुल गाँधी को दिया ये नाम

जिन उद्धव ठाकरे के पिछले बयानों से विपक्ष ने उनसे कई उम्मीदें पाल रखी थी अब उन्ही उद्धव ने न सिर्फ उन तमाम उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है बल्कि अपने पुराने अंदाज़ में शिवसेना वाली स्टाइल में उनको निराश भी कर दिया है . इसको हिन्दू संगठन भी एक बड़ी खुशखबरी के रूप में देख रहे हैं .. ख़ास कर वो लोग जो नहीं चाह रहे थे हिन्दू वोटो का विभाजन . राजनीति ने अचानक ही ऐसी करवट ले ली है जो महाराष्ट्र ही नहीं पूरे भारत में चुनावी समीकरणों को बदल कर रख दिया है .

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अब शिवसेना ने राहुल गाँधी को गद्दारों का समर्थक घोषित कर दिया है . ये बयान खुद शिवसेना प्रमुख ने दिया जिसका आधार कांग्रेस द्वारा देशद्रोह कानून खत्म करने के एलान को बनाया गया है . उसी को मुख्य मुद्दा बना कर उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी तीखा हमला किया है।  उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो भी गद्दारी करता है उसे फांसी होनी चाहिए, देशद्रोह कानून को खत्म कर के कांग्रेस और उसके मुखिया सत्ता में आना चाहते हैं . और गद्दारों के ऐसे समर्थको को वो सत्ता में नहीं आने देंगे .एक जनसभा को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि भाजपा, शिवसेना और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया एक ही एजेंडे को लेकर साथ आए हैं और वह है देश के प्रति प्यार..

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द्धव ठाकरे ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर आपसी तनाव के बाद भी महा अघड़ी साथ क्यों आए। ये लोग कौन हैं, हमारा सपना देश के लिए है, आपका सपना क्या है। आपका सपना सिर्फ सत्ता है, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही होंगे। मैं विपक्ष के लोगों से पूछना चाहता हूं कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए एक नाम की घोषणा करें। तमाम हिंदूवादी समूहों ने इसको देश की जरूरत बताया था और आखिरकार उनके सपनों को सच होने जैसा ही प्रतिफल सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना ने एलान किया कि वो आने वाला चुनाव एक साथ ही लड़ेंगे.. ज्ञात हो कि भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना में गठबंधन का सबसे मजबूत आधार हिंदुत्व है जिसको ले कर दोनों संगठन एक लंबे समय से आगे बढ़ रहे हैं ..

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