उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद एक बात तो तय लगी कि -‘नहीं बंटेगा हिन्दू वोट”

ये वही बयान था जिसको सुनना चाह रहे थे तमाम हिन्दू संगठन . इस से पहले भी हिन्दू समाज के वोटबैंक में सेंध मारने की तमाम कोशिशे की गयी थी लेकिन पिछले चुनावों के परिणामो ने भारत में पहली बार हिन्दुओ की एकता की आहट करवाई थी . इसके बाद तमाम वो लोग मन्दिर जाते दिखने लगे जो कभी मन्दिर जाना लडकियों को छेड़ने का काम बताया करते थे . इतना ही नहीं, कई लोग तो कैलाश मानसरोवर तक जाते देखे गये थे .

ज्ञात हो कि हिन्दू संगठनो को यदि किसी बात की सबसे ज्यादा फ़िक्र थी तो वो भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के आपसी रिश्तों की . ये रिश्ते लगातार खराब होते चले गये थे .. हालात यहाँ तक पहुचे थे कि विधानसभा चुनाव तक दोनों पार्टियों ने अलग अलग लड़े थे, यद्दपि अंत में दोनों एक साथ खड़े हो गये और मिल कर महाराष्ट्र की सरकार बनाई थी . दोनों पार्टियों की मूल विचारधारा हिंदुत्व की है जो उनको लम्बे समय से एक साथ ले कर चल रही है .

अब उद्धव् ठाकरे ने दिया है ऐसा बयान जो ख़ुशी का सबब बना है उन तमाम हिंदूवादी संगठनो और हिंदूवादी विचारधारा वाले लोगों में जो नहीं चाह रहे थे कि किसी भी रूप में हिन्दू वोट बंटे . उद्धव ठाकरे ने नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना मिल कर इस देश को मजबूत बनाएगी और देश को नई ऊंचाईयों पर ले कर जायेगी . उद्धव ठाकरे , देवेन्द्र फडनवीस और अमित शाह ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस में एक साथ मिल कर चुनाव लड़ने की घोषणा की और इसको देश की जरूरत भी बताया . उद्धव के पिछले बयानों से काफी आशा लगा बैठी कांग्रेस को इस बयान से काफी झटका लगा है..

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