Breaking News:

बाराबंकी मृतका मामले में फैलाया जा रहा है भ्रम.. एक साजिश है जिसका पर्दाफाश किया बाराबंकी पुलिस ने और सामने रखा सच

पहला दांव खेला गया था उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद से. यहाँ पर जय श्री राम न कहने पर एक मुस्लिम लडके को जला कर मार देने की खबर अचानक ही शेयर की जाने लगी . कुछ जिम्मेदार माने जाने वाले समाचार माध्यमो ने भी इस मामले में अति सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारी भूल कर झूठ का जी भर के प्रचार किया और उसके चलते एक बार झूठ का बोलबाला हो गया .. पर वो ये भूल गये थे कि अंत में झूठे का मुह काला भी होता होता और वही हुआ था .

जब चंदौली पुलिस की सतकर्ता से जय श्रीराम न कहने पर जलाने वाली कहानी गढ़ी और स्वरचित पाई गई तो ये माना जा रहा था कि अब साजिशकर्ता कुछ समय खामोश रहेगे क्योकि 3 साजिशकर्ताओ को पुलिस ने जेल भी भेजा था पर योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ किसी भी हाल में और किसी भी रूप में साजिश रचने पर आमादा कुछ बड़े नामो ने हार नहीं मानी थी और वो रचते रहे साजिश का अगला हिस्सा .. आखिरकार उन्हें फिर से दिखी एक नई जगह और वो जगह थी बाराबंकी ..

यहाँ पर अचानक ही एक अफवाह उड़ा दी गई कि एक नाबालिग लडकी का बलात्कार कर के उसकी हत्या कर डाली गई है और उसकी लाश को गुमनाम रूप से फेंक दिया गया है .. यहाँ से साजिश की शुरुआत हुई थी क्योकि बलात्कार की खबर तब ही उड़ा दी गई और बाकायदा छाप दी गई जबकि लड़की का मेडिकल तक नहीं हुआ था .. आखिर इस खबर को छापने वाले और उसको बाकायदा शेयर करने वालों ने किस आधार पर लडकी का बलात्कार होने की बात कही थी ?

लड़की के मेडिकल परीक्षण के रिपोर्ट की प्रतीक्षा अभी भी है जिसके बाद सच सामने आएगा लेकिन बाकायदा इसको खूब दुष्प्रचारित कर दिया गया .. अलावा एक अफवाह और उड़ाई गई कि मृतका नाबालिग है , नाबालिग कह कर मामले को सनसनीखेज बनाने की साजिश करने वालों ने मानवीय संवेदना को भी तार तार कर दिया और बाद में लड़की का आधार कार्ड सबके सामने रखा गया तो लड़की बालिग निकली ..इस से साफ़ साफ़ पता चलता है कि साजिश की सोच संवेदना से भी कहीं परे थी .

साजिश का एक पहलू और भी देखने योग्य है .. बाराबंकी पर शोर मचाने में ये तथ्य आगे किया जा रहा है कि ये उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का पड़ोसी जिला है जबकि चंदौली मामले में उड़ाई जा रही अफवाह में ये कहा जा रहा था कि ये नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का पड़ोसी जिला है .. यहाँ पडोसी वाला एंगल साफ़ इशारा कर रहा है कि ये सभी अफवाहें एक सोच और एक वर्ग उड़ा रहा है लेकिन यहाँ एक चीज और कॉमन थी और वो थी पुलिस की सक्रियता ..

ध्यान देने योग्य है कि जिस प्रकार से सतर्क चंदौली पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए न सिर्फ जमीनी स्तर पर लोगों को सच से परिचित करवाया वैसे ही बाराबंकी पुलिस ने भी IPS आकाश तोमर के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर और सोशल मीडिया पर पल प्रतिपल नजर रखी और हर हैंडल के नीचे जा कर स्पष्टीकरण दिया .. बाराबंकी पुलिस का जवाब बेहद सधा और संतोषजनक है और आम जनमानस इस संतुलित जवाब से पूरी तरह से संतुष्ट भी दिखाई दे रहा है .

पुलिस को समय देना था अपराधियों को गिरफ्तार करने का लेकिन अफवाह उड़ा कर असल में अपराधियों को कवर देने की कोशिश की गई दिखाई दे रही है लेकिन बाराबंकी पुलिस जहाँ एक तरफ अफवाह उड़ाने वालों को जवाब दे रही है तो वही गुनाहगारों को पकड़ने का प्रयास कर रही है.   अभी इस मामले में अफवाह उड़ाने वालों को बाकायदा बाराबंकी पुलिस नोटिस भी भेजने वाली है जिसका जवाब उन्हें देना ही होगा . फिलहाल जनसामान्य से अपील है कि वो सत्य के साथी बन कर साजिशकर्ताओ को जवाब दें .

 

Share This Post