चुनाव से पहले ही गर्म हुआ कांग्रेसी नेता का पारा और जाकर भिड़ गया सीधे DM से

लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के बाद देश का सियासी तापमान गर्माया हुआ है. नेताओं से लेकर आम जनता तक चुनावी खुमार में डूबी हुई है. देश के बढ़ते सियासी तापमान का एक नमूना देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के चकराता में देखने को मिला जब एक कांग्रेसी नेता सीधा DM से भिड़ गया तथा धमकी दी कि वह 5 बार का विधायक है, इसलिए संभल कर रहो.

खबर के मुताबिक़, चकराता कालसी में होर्डिंग-फ्लैक्स लगाने की अनुमति देने पर नानुकुर होती देख गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की देहरादून के डीएम एसए मुरूगेशन के साथ तीखी बहस हो गई. जिला प्रशासन के रवैये से भड़के प्रीतम यहां तक कह गए कि डीएम साहब सुन लो, पांच बार का विधायक हूं. मुझे पता है कैसे प्रचार होता है और कैसे अनुमति लेते हैं. ज्यादा नानुकुर हुई तो सारे चकराता-कालसी में पोस्टर लगवा दूंगा. फिर देते रहना आचार संहिता के नोटिस.

बता द्दें कि कांग्रेस के कद्दावर नेता तथा प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम को जब पता चला कि परिवर्तन रैली के लिए कालसी-चकराता में प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा है. जिम्मेदार अधिकारी मौके पर भी नहीं हैं. यह सुन प्रीतम का पारा चढ़ गया. उन्होंने प्रदेश सचिव गिरीश चंद्र पुनेड़ा को तत्काल डीएम को फोन मिलाने को कहा. प्रीतम ने डीएम से फोन पर पूछा, आखिर चकराता-कालसी में प्रचार के लिए बैनर लगाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है?

आप कह रहे हैं चकराता कालसी में कहां लगाएंगे? यह क्या बात हुई? क्या कहा? हम वहां फ्लेक्स नहीं लगा पाएंगे? हम वहां किसी के घर में लगाएंगे, आपको क्या तकलीफ? मेरी बात सुनिए आप. बुरा न मानिएगा डीएम साहब, मैं पांच बार का विधायक हूं, क्या मुझे पता नहीं है कि चुनाव प्रचार कैसे होता है. ज्यादा नानुकुर हुई तो सारे चकराता-कालसी में पोस्टर लगवा दूंगा. फिर देते रहना आचार संहिता के नोटिस. इस पर डीएम एसए मुरुगेशन ने कहा कि प्रीतम सिंह का फोन आया था. उन्हें जानकारी दे दी गई है. पोस्टर-होर्डिंग के लिए विधिवत परमिशन लेनी होगी. इन पोस्टर-होर्डिंग पर क्या लिखा जाना है, उन्हें एक बार देखना होता है. उन पर ऐसा कंटेंट नहीं होना चाहिए, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों. पहली अनुमति कंटेंट की लेनी होती है और दूसरी पोस्टर-बैनर लगाने की.

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