DM की नौकरी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गया IAS अधिकारी. बोले – इसी पार्टी में सुरक्षित है देश का भविष्य

पार्टियों में आने के लिए पहले कई लोगों ने अपनी पार्टियाँ बदलते देखा और सुना रहा होगा लेकिन कोई IAS जैसी प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ कर फिर राजनीति में आ जाए ये अजीब सा है . इस से पहले रिटायर्ड अधिकारियो के राजनीती में आने के तमाम मामले हैं लेकिन कार्यरत अधिकारी अगर राजनीति में आ जाए तो एक बार वो खबर आम जनमानस के जुबान पर आना स्वाभविक ही है .. इसी खबर के केंद्र में हैं पूर्व आईएस अधिकारी श्री ओ पी चौधरी .. IAS अधिकारी से अब नेता जी बन कर अमित शाह और रमन सिंह की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता लेने वाले ओ पी चौधरी आ गये हैं राजनैतिक चर्चा में . 

ज्ञात हो की कुछ कयासों को सत्य साबित करते हुए अभी कुछ समय पहले ही कलेक्टर के पद से इस्तीफा देने वाले पूर्व आईएएस ओपी चौधरी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने मंगलवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में सदस्यता ली. कुछ ही दिन में पहले ओपी चौधरी ने ट्वीट कर कलेक्टर पद से इस्तीफा देने की जानकारी दी थी. इसके बाद उन्होंने वीडियो जारी कर कलेक्टर की नौकरी छोड़ राजनीति में आने की वजह भी बताई थी. ओ पी चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में लम्बा चौड़ा बयान दिया और कहा की यही एक पार्टी है जो देश के भविष्य को सुरक्षित रख सकती है . 

इस से पहले तेज तर्रार आईएस अधिकारी के रूप में माने जाने वाले श्री ओपी चौधरी ने बीते 25 अगस्त को अपनी इस्तीफा कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भेज दिया था. इसके बाद से ही उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं.इन अटकलों पर मंगलवार को उस वक्त विराम लग गया, जब चौधरी ने दिल्ली पहुंचकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. 2005 बैच के आईएएस अफसर ओपी चौधरी अपने काम को लेकर पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं. नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में लाए गए क्रांतिकारी बदलाव के लिए काफी चर्चा बटोर चुके हैं. ओपी चौधरी को नक्सल प्रभावित इलाकों में बेहतर काम करने के लिए साल 2011-12 में प्रधानमंत्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

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