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पूर्वोत्तर के अपने अंतिम गढ़ में धराशाई हुई कांग्रेस.. मिजोरम में MNF के जोरमथंगा लेंगे शपथ.. पहली बार खुला वहां BJP का खाता


भले ही उत्तर भारत व मध्य भारत से कांग्रेस के लिए खुशखबरी आ रही है लेकिन वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर से लगातार उनके लिए ऐसे समाचार आ रहे हैं जो उनको ज्यादा खुश होने के बजाय आत्ममंथन पर मजबूर कर सकते हैं .. फिलहाल यहां चर्चा हो रही है पूर्वोत्तर भारत मे बचे कांग्रेस के अंतिम गढ़ मिज़ोरम की जो अब कांग्रेस के हाथ से निकल गया है .. इन सबके बीच मे सबसे अच्छी खबर भारतीय जनता पार्टी के लिए है जो कभी वहां जानी ही नहीं जाती थी पर पहली बार वहां भाजपा का एक विधायक जीत कर मिज़ोरम की विधानसभा में पहुँचा है जो आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए एक संजीवनी के रूप में है भारतीय जनता पार्टी के मिशन पूर्वोत्तर फतह के लिए .

विदित हो कि मिज़ोरम में जोरमथंगा शनिवार को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ. मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अध्यक्ष जोरमथंगा को शनिवार को पूर्वाह्न 12 बजे यहां राजभवन में मिजोरम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलायी जायेगी. राज्य के प्रोटोकोल विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. राजभवन के सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन ने चुनाव अधिकारियों से नतीजे की हस्ताक्षरित अधिसूचना मिलने के बाद जोरमथंगा को बुधवार को अगली सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से निमंत्रित किया.

सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने आठवीं विधानसभा के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए दिन के दौरान सातवीं विधानसभा भंग कर दी. प्रोटोकोल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह ज्ञात नहीं है कि मंत्रिपरिषद के सभी 12 सदस्यों को 15 दिसंबर को शपथ दिलायी जायेगी या नहीं. एमएनएफ 40 सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीतकर एक दशक बाद सत्ता में लौटा है. इसी के साथ कांग्रेस पूर्वोत्तर के अपने इस अंतिम गढ़ में धराशायी हो गयी.


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