राजस्थान में होगा उलटफेर? मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ लड़ेंगे अटल जी के हनुमान के पुत्र

राजस्थान विधानसभा चुनाव की सियासी लड़ाई दिनोंदिन काफी रोचक होती जा रही है. सत्ताविरोधी लहर का सामना कर रहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जहाँ जहाँ अपना गढ़ बचाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही हैं वहीं विपक्षी कांग्रेस पार्टी सत्ता में वापसी के लिए दिन रात चुनाव प्रचार में जुटी हुई है. ज्यादातर सर्वे राजस्थान में कांग्रेस को बढ़त दिखा रहे हैं लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसा दाव चला है जिससे राजस्थान विधानसभा चुनाव काफी रोचक हो गया है तथा आने वाले दिनों में राजस्थान में काफी कुछ देखने को मिल सकता है.

आपको बता दें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के हनुमान कहे जाने वाले श्री जसवंत सिंह जी जसोल के बेटे मानवेन्द्र सिंह जी जसोल को टिकट दिया है. जसवंत सिंह जी जसोल अटल जी की सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे हैं तथा राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के स्तंभ माने जाते हैं. मानवेन्द्र सिंह जसोल अभी भाजपा से विधायक हैं लेकिन हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बगावत करके कांग्रेस का दामन थामा है. कांग्रेस के इस दांव के बाद झालड़पाटन में लड़ाई दिलचस्प हो गई है. वसुंधरा राजे और मानवेंद्र सिंह के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है तथा राजनैतिक विश्लेषक झालड़पाटन में उलटफेर की आशंका जता रहे हैं कि वसुंधरा राजे चुनाव हार भी सकती हैं.

बता दें कि राजस्थान में बीजेपी को खडा करने में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री तथा देश के पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. श्री भेरों सिंह जी शेखावत व श्री जसवंत सिंह जसोल का अहम् योगदान रहा है. इन दोनों नेताओं ने राजपूत समाज के साथ दूसरे समाज के लोगों को भी भाजपा से जोड़ा तथा राजस्थान में भाजपा को स्थापित किया. इसके बाद श्री भेरों सिंह जी शेखावत पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री बने तथा बाद में देश के उपराष्ट्रपति भी बने. वहीं श्री जसवंत सिंह जी जसोल अटल जी की सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे तथा अटल जी जसवंत सिंह को अपना हनुमान कहते थे व उन पर काफी विश्वास करते थे लेकिन साल 2014 में पार्टी ने जसवंत सिंह को बाड़मेर से टिकट देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद जसवंत सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गये थे. उसके बाद से ही जसवंत सिंह जी तथा उनके बेटे मानवेन्द्र भाजपा से नाराज हैं. बता दें कि जसवंत सिंह पिछले 4 साल से कोमा में हैं.

मानवेंद्र सिंह ने कहा कि यह बहुत बड़ी चुनौती है. मैंने तो राहुल जी से लोकसभा चुनाव लड़ने की बात की थी, पर पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया है. मैंने नहीं कहा कि मुझे वसुंधरा के ख़िलाफ़ लड़ना है पर पार्टी का फ़ैसला है तो मैं तैयार हूं. जसवंत सिंह ने कहा कि मैं यही कहूंगा अपने समर्थकों से कि स्वाभिमान की लड़ाई जारी है. मैंने कोई उपमुख्यमंत्री की पोस्ट नहीं मांगी थी. उन्होंने कहा कि मैं तैयार हूं. चुनौती बड़ी है. मैं पूरी मेहनत करूंगा तथा उम्मीद है कि मैं चुनाव जीतूंगा.

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