अब महबूबा मुफ्ती ने बुरहान को बताया शहीद… क्या कश्मीर में ऐसे ही बयान दिलाते हैं वोट ?

बुरहान वानी! वही बुरहान जो हिंदुस्तान के टुकड़े करना चाहता था, भारतमाता के मणिमुकुट कश्मीर को भारत से अलग करना चाहता था, हिंदुस्तान के रक्षक जांबाज सैनिकों के खून का प्यासा था, जिसे भारतीय सेना की बंदूकों से निकली गोली ने छलनी करके जहन्नुम भेज दिया. जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उस बुरहान वानी को शहीद बताया है. ये जितना अफसोसजनक है, उतना ही शर्मनाक भी है कि राजनीति के लिए एक आतंकी को शहीद बताया जा रहा है.

सोमवार को अनंतनाग में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वर्ष 2016 में मारा गया हिजबुल कमांडर बुरहान वानी शहीद था. वह अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की तीसरी पुण्यतिथि पर बिजबिहाड़ा गई थीं. यहां उन्होंने फातिहा पढ़ने के बाद कहा कि बुरहान के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा. इसके लिए वह लोगों से माफी मांगती हैं. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से महबूबा पुराने ढर्रे पर चल पड़ी हैं. आतंकियों के घर जाने के साथ ही अलगाववादियों की वकालत करने लगी हैं.

बिजबिहाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह एक मां हैं और मां का दर्द जानती हैं. लोग उनकी बातों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. कह रहे हैं कि उन्होंने 2016 की हिंसा में मारे गए बच्चों के लिए कहा था कि वह क्या टॉफी या दूध लेने गए थे. इस पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह उस अर्थ में कहा था कि कुछ लोगों ने इन्हें ढाल बनाया था. उन्हें आगे कर अपना स्वार्थ साधने की कोशिश की थी. आज उनका कलेजा फट रहा है, रोजाना खून बह रहा है.

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