पवित्र सबरीमाला पर सुदर्शन की आवाज पर प्रधानमंत्री की भी मुहर. मोदी ने भी माना – “वामपंथी सरकार ने संस्कृति को बर्बाद कर दिया”


हिन्दुओ की संस्कृति व परंपरा पर आघात तब हुआ था जब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गाय को बीच चौराहे पर काट कर खाया था.लेकिन उसके बाद नम्बर वामपंथी सरकार का था जिन दोनों में प्रतियोगिता जैसी है हिन्दू परंपराओं पर आघात करने की..वामपंथी शासन ने निशाने पर लिया भगवान अयप्पा के मंदिर सबरीमाला की परंपरा को..इस पूरे मंज़र को तमाम अन्य कथित सेकुलर वर्ग ने खामोशी से एक तमाशे की तरह देखा था लेकिन सिर्फ सुदर्शन न्यूज ने उठाई थी इस मुद्दे पर आवाज और कटघरे में खड़ा किया था तमाम हिन्दू विरोधियों को.. भले ही उस समय तमाम नकली सेकुलरों ने अपनी अपनी राय अपने अनुसार रखी थी लेकिन अब सुदर्शन न्यूज की उस आवाज को बल मिला भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान से..कहना गलत नही होगा कि ये मुहर लगी है मोदी की सुदर्शन के दावों पर..

कुछ सवाल ऐसे भी थे जो सीधे सीधे सबरीमाला की तरफ इशारा कर रहे थे..महिला शशक्तिकरण के मुद्दे पर केरल सरकार से पूछा गया सवाल कि कितनी कम्युनिस्ट महिला नेताओं को वामपंथी पार्टियों ने मुख्यमंत्री तक के पद पर पहुचने दिया ? ये सवाल सीधे सीधे इशारा करता है कि मन्दिर की पंरपरा तोड़ कर महिला शशक्तिकरण दिखाने वाली वामपंथी शक्तियां अपने गिरेबान में जरूर झांके..ये मौका था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे का जहां उन्होंने वहां की सरकार पर जमकर निशाना साधा एयर उसको भारतीय संस्कृति के असल मूल्यों को खत्म करने की साजिश रचने वाली सरकार बताया ..

पीएम मोदी आज केरल के त्रिसुर पहुंचे, यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक घर को कुकिंग गैस देने के लक्ष्य को पाने के निकट हैं। करीब 6 करोड़ गरीब महिलाओं फ्री गैस कनेक्शन दिया गया है। भारत की भारत की ऊर्जा जरूरतें बढ़ रही हैं, इसलिए हमने तेल और गैस बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी है। आज 80 हजार गांववालों के पास बिजली है. मोबाइल बनाने वाली यूनिट बढ़कर 120 तक पहुंच चुकी हैं। 2022 तक हमारा उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है।

उन्‍होने केरल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सबरीमाला मुद्दे ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। केरल सरकार ने राज्य की संस्कृति को अपमानित किया है।पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपको कहना चाहता हूं, महिला सशक्तिकरण के लिए न तो कांग्रेस और न ही कम्युनिस्टों को कोई चिंता है। अगर उन्होंने ऐसा किया, तो वे ट्रिपल तालक को समाप्त करने के एनडीए के प्रयासों का विरोध नहीं करेंगे। भारत में कई महिला मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन क्या उनमें से एक भी कम्युनिस्ट नेता हैं?

पीएम मोदी ने कहा कि चाहे ये कांग्रेस हो या कम्युनिस्ट्, इन सबके लिए संवेधानिक संस्थाओं का कोई महत्व नहीं है। ये चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। हाल में ही हमने देखा था लंदन में प्रेस कान्फ्रेस किया गया और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। प्रेस कान्फ्रेंंस करवाने वाले कौन थे, ये कांग्रेस के सम्मानित नेता थे। जनता इनसे जवाब मांगेगी और इन्हेंं इस बात का जवाब देना ही होगा कि ये हमारे देश की बदनामी विदेशों में कैसे करा सकते हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कहा कि हमारी विपक्षी पार्टियो के दिन की शुरूआत मोदी को कोसने के साथ होती है और दिन का अंत भी मोदी को कोसने के साथ होती है। जैसे ही हम कुछ अच्छा काम करते हैं ये सभी मिल कर हमें गालियां देने लगते हैं। मैं उन्हें कहता हूं कि मुझे गाली दो पर हमारे गरीबों, किसानों और युवाओं के साथ गलत मत करो। हमारे देश की प्रगति को गाली मत दो। चार साल पहले आपने मुझे देश का चौकीदार बनाया था और मैं अपना काम कर रहा हूं। मैं इन्हें देश की संस्कृति और सभ्यता को नुकसान पहुंचाने नहीं दूंगा


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