क्या टूट जायेगा बिहार का गठबंधन, सोनिया का निमंत्रण ठुकरा दिया नीतीश ने


एक
निजी अख़बार के जरिये से ये खबर आयी है कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले एनडीए के खिलाफ
एकजुट हो रहे दलों में बड़ी दरार सामने आने लगी है।  और साथ ही ये भी खबरें आ रही है कि इस मुद्दे
पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और नीतीश कुमार एक दूसरे के साथ नहीं हो पा रहे है।  अख़बार में मुताबिक नीतीश कुमार पहले राष्ट्रपति
प्रणव मुखर्जी के दूसरे कार्यकाल  की वकालत
कर  चुके है।

सूत्रों
से  खबर आ रही है  कि
26 मई
2017 ,  शुक्रवार के दिन  दिल्ली में
सोनिया गांधी की तरफ से  विरोधी दलों की
बैठक में नीतीश कुमार शामिल नहीं होंगे  साथ
ही ये लोकसभा चुनाव से पहले अपनी जमीन तलाश रही विपक्षी पार्टियों के लिये कुछ खास
व अच्छी खबर  नहीं है. इस बैठक में लालू
शामिल  नीतीश नहीं।

नीतीश
ने प्रस्ताव दिया था  इस मामले में
सत्ताधारी दलों को सर्वानुमति बनानी चाहिए
, साथ
ही कहा कि इस मुद्दे पर बोलने का सबसे बड़ा अधिकार और फर्ज  पहले केंद्र सरकार का बनता है।  उनमें केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों को पहल
करनी चाहिए तथा सभी दलों से बातचीत करना अच्छा होगा।   बहुत से विपक्षी नेताओ ने  नीतीश के इस प्रस्ताव का विरोध  किया है। 
जिसमें लालू प्रसाद भी शामिल रहे।


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