चंदौली में कांग्रेस का अधिकारिक ट्विटर हैंडल फैलाता मिला था झूठ.. अब बाराबंकी में प्रियंका गांधी ने शेयर की भ्रामक खबर.. क्या झूठ की नींव पर खड़ी होगी जीत की मीनार ?


उन्होंने हर कोशिश कर के देख ली लेकिन जनता है कि अब उन पर विश्वास करने के लिए तैयार ही नहीं हो रही है.. उन्होंने हिन्दू मुस्लिम की बात की लेकिन जनता ने नकार दिया, फिर उन्होंने गौर तस्कर और गौ रक्षक का ढिंढोरा पीटा पर जनता ने अनसुना कर दिया, फिर सवर्ण दलित का शोर मचाया लेकिन जनता ने मुह फेर लिया , फिर जय श्री राम के नारे को बदनाम किया तो और जोर से यही नारा वापस गूंजता सुनाई दिया . फिर जब जनता ने विश्वास करना बंद ही कर दिया तो अब उन्होंने लिया है अविश्वास का सहारा .

यहाँ बात हो रही है भाजपा के सामने अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने की कगार पर आ चुकी कांग्रेस पार्टी की जिसकी विश्वशनीयता अब अविश्वासी खबरों पर आ कर टिक गई है . जीत के सपने देखने के लिए उसको साकार करने का हर हथियार जब व्यर्थ गया तो अब बदला गया है पैंतरा. सोनिया गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है जिन्हें मोदी के सामने संघर्ष करना होगा पार्टी को फिर से उन जगहों पर जमाने के लिए जहाँ से वो लुप्तप्राय हो गई है तो अब प्रियंका गांधी से मोर्चा सम्भाला है योगी आदित्यनाथ के खिलाफ .

योगी आदित्यनाथ एक मुख्यमंत्री होने के साथ साथ एक मठ के महंथ भी हैं . भगवा वस्त्र में साधू वेश में उन्होंने दीक्षा के समय ही सत्य , न्याय और नीति को ग्रहण किया होगा लेकिन उनके खिलाफ अब असत्य , अन्याय और कुनीति को बनाया गया है अस्त्र.. ये ठीक उसी काल की याद दिलाता है जब त्रेता युग में देवताओं का सामना कुछ मायावी लोगों से होता था जो कभी वेश बदल लिया करते थे और कभी गायब हो कर वार कर दिया करते थे .. भारत तो स्वीकार करने लगा है कि धर्म इस समय धर्मयुद्ध लड़ रहा है ..

योगी की ताजपोशी के तुरंत बाद सहारनपुर में हिंसा किस ने और किस उद्देश्य से करवाई थी इसको हर कोई जानता है , यद्दपि वही जानने के चलते ही किसी ने उन मनसूबो को सफल नहीं होने दिया .. फिर उसके बाद गोरखपुर में BRD कालेज के विलेन डाक्टर कफील खान को साजिशन कैसे एक हीरो के रूप में सज़ा कर विपक्ष में योगी को खड़ा करने की साजिश रची गई इसको भी सब जानते हैं .. इसके बाद अपने ही शासन काल में लम्बित और पैदा किये गये सोनभद्र मामले में हंगामा किस ने किये ये भी सर्वविदित है ..

फिर चंदौली मामले में जय श्री राम के नाम की अफवाह उड़ाता तो साफ़ साफ़ कांग्रेस का अधिकारिक ट्विटर हैंडल ही दिखा था . कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल में साफ़ साफ़ लिखा गया था कि जय श्री राम न बोलने के चलते जला दिया गया युवक.. इसके पीछे अपनी असली मंशा को दिखाते हुए बाकायदा योगी आदित्यनाथ जी के सन्यास पूर्व नाम का उल्लेख किया गया जिसका प्रतिरोध सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी ने तब हिन्दू आस्थाओ को ध्यान दिलाते हुए किया था ..

जिस प्रकार से चंदौली मामले में कांग्रेस ने झूठ के दुष्प्रचार के लिए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल का इतेमाल किया था, उसी प्रकार से एक भ्रामक खबर फैलाने के लिए बाराबंकी मामले में खुद प्रियंका गांधी आगे आई हैं . कभी देश की बागडोर जिस परिवार ने अपने हाथो में दशको तक रखी अब एक प्रदेश को झूठ के सहारे अस्थिर करने की ऐसी मंशा ये सवाल खड़े करती है कि क्या सच में वो समाज और इस देश का भला चाहते हैं.. झूठ से आज तक किसका भला हुआ ये भी उन्हें बताना चाहिए ..

अब बाराबंकी में एक वो लडकी जो बालिग थी और उसके साथ बलात्कार भी नहीं हुआ था, को बालिग़ बताती और उसके साथ बलात्कार हुआ बताती एक खबर को खुद प्रियंका गांधी ने शेयर किया है उसके ऊपर लिखा है कि बड़े शर्म की बात है ये .. पुलिस ने फ़ौरन जांच की और सामने लाया कि लड़की बालिग़ थी और उसका आधार कार्ड भी ब्लर कर के प्रकाशित किया गया.. इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मृतका के साथ बलात्कार नहीं हुआ था ..

इस खबर को प्रियंका गांधी ने पहले तो जोर शोर से उठाया और बाद में उनकी नकल कर के उनकी पूर्व सहयोगी समाजवादी पार्टी के कई सदस्यों ने भी इस मामले में अपनी दखल दे डाली.. लेकिन जब से सच सामने आया तब से शर्मिंदगी तक का एहसास करने के बजाय ट्विट तक नहीं डिलीट किये गये .. क्या जिस परिवार की बेटी किन्ही कारणों से दुनिया से विदा हो गई है उसको जबरन बलात्कार पीडिता बता कर प्रियंका गांधी या उनके अन्य सहयोगी समाज का हित कर रहे हैं ?

सवाल ये भी उठता है कि पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की सलाह देना और हर प्रकार से पुलिस की मदद करने का ट्वीट करने के बजाय झूठ और भ्रम फैलाना कहीं उस साजिश का हिस्सा तो नहीं जिसमे लडकियों के हत्यारों को एक प्रकार से कवर दिया जा रहा हो पुलिस की दिशा भटका कर ? यकीनन बाराबंकी पुलिस और उसके मुखिया IPS  आकाश तोमर यहाँ पर धन्यवाद के पात्र हैं जिन्होंने दबाव के बनाए इस पहाड़ को पार कर के सच को दुनिया के आगे रखा ..

एक सवाल ये भी खड़ा होता है कि कहीं प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के आगे खुद को पस्त मान लेने के बाद अब राजनैतिक मोर्चा बदल दिया गया हो और निशाने पर लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिया गया हो… अभी कल ही योगी नम्बर एक ट्रेंड हो रहे ट्विटर पर प्रियंका गांधी ने ही तंज कसा था और भाजपा की महिला विधायक संजू देवी ने 200 किलोमीटर चल कर बाराबंकी SP को राखी बाँधी थी और उन्हें महिलाओं का रक्षक और देश की जरूरत कहा था.. .

कहीं ये सब कारक तो नहीं जुड़ गये एक साथ योगी आदित्यनाथ , उत्तर प्रदेश सरकार को निशाने पर लेने के और वो भी IPS आकाश तोमर के बहाने.. निश्चित तौर पर सरकार को अपराध करने वालों की ही तरह अपराध का रूप और रंग बदलने की कोशिश करने वालो पर भी सख्त होना पड़ेगा जिस से कभी चंदौली तो कभी बाराबंकी जैसे दुष्प्रचार आगे न हो पायें..  लेकिन अंत में अफवाह के सूत्रधारो से इतना ही कहना है कि – क्या जीत की मीनार अब झूठ की बुनियाद पर बनेगी  ?

 

बेहद कम समय में सच को सामने ला कर असत्य को बेनकाब करने वाले IPS आकाश तोमर, पुलिस अधीक्षक बाराबंकी-

 

चंदौली मामले में कांग्रेस के अधिकारिक हैंडल द्वारा किया गया असत्य ट्विट –

बाराबंकी पुलिस का अधिकारिक वर्जन – 

प्रियंका गांधी द्वारा ट्विट की गई भ्रामक खबर –


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