उधर सवर्ण हिन्दू मांग रहे हैं अपने लिए न्याय, इधर मनमोहन सिंह बोले – “भारत का मुसलमान डरा हुआ है”


मात्र कुछ ही दिन हुए हैं अभी जब SC / ST एक्ट पर अलग थलग पड़े सवर्ण समाज ने सड़कों पर उतर कर अपने लिए सरकार से बराबरी की मांग करते हुए भारत बंद का अभियान चलाया था .. इस बन्द में उन्होंने समान कानून सबके लिए मांगा था जिसमें उन्हें किसी भी एक पार्टी का साथ और सहयोग नहीं मिला था ..अब उस भारत बंद से बड़ी एक लाइन खींच कर एक बार फिर से कांग्रेस व विपक्ष ने फिर से भारत बंद का आयोजन किया है जिसमें उन्होंने महंगाई आदि को मुद्दा बनाया है .. लेकिन उस से भी पहले कभी भारत के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का बताने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का ऐसा बयान आया जो हिंदुओं में पैदा कर सकता है उपेक्षित होने की भावना .

विदित हो कि हामिद अंसारी के जिस बयान पर कभी पूरे देश मे हुआ था राजनैतिक घमासान , उसको एक बार फिर से दोहराते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में से एक मनमोहन सिंह ने मुस्लिम वोटों के लिए फिर से दिया एक नया व विवादित बयान .  मोदी सरकार की आलोचना करते हुए मनमोहन सिंह ने यहां तक कह डाला कि आज के परिवेश में हिंदुस्थानी अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है ..मतलब दूसरे शब्दों में भारत का मुसलमान खुद को डरा हुआ महसूस कर रहा है ..

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ इस पुस्तक का विमोचन किया. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, शैक्षणिक आजादी पर अंकुश लगाया जा रहा है. विश्वविद्यालयों के माहौल को खराब किया जा रहा है. देश को वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है.युवा नौकरियों का कर रहे इंतजार और अल्पसंख्यक डरे हुए हैं. उन्होंने सरकार पर विदेश नीति के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसियों के जिसमें पाकिस्तान भी है , के साथ हमारे संबन्ध खराब हुए हैं. मनमोहन सिंह के इस बयान से सवर्ण समाज मे गहरी निराशा देखने को मिली और खुद के लिए एक भी शब्द न बोलने पर वो खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं ..


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