अगर मराठो को आरक्षण दे रहे हो तो मुसलमानो को भी दो आरक्षण – कांग्रेस .. हिन्दू संगठन हुए आक्रोशित

एक बार फिर से उन तमाम मुद्दों और मामलो पर अपने पुराने ढर्रे पर आती दिख रही है कांग्रेस पार्टी जो गुजरात और कर्णाटक चुनावों के पहले अपनाए थे .. हिन्दुओ के लिए भले ही राहुल गाँधी ने अपनी जनेऊ दिखा कर अपने वोट बढ़ा लिए हों लेकिन अब जो मांग सामने आई है वो बेहद ही चौंकाने और हतप्रभ करने वाली है . ये बयान और ये मांग किसी साधारण नेता ने नहीं बल्कि सीधे सीधे कांग्रेस पार्टी के एक विधायक ने की है जिसको ले कर राजनीति गर्म है . फिलहाल राजनेताओं की ख़ामोशी बता रही है कि वो धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतो का पालन कर रहे हैं अन्यथा अगर इसी शब्द में हिन्दू होता तो शायद अब तक बवाल मच चुका होता .

ज्ञात हो कि मराठो के आंदोलन के तत्काल बाद जब प्रदेश सरकार जैसे तैसे समाज में शांति स्थापित कर पाई कि अचानक कांग्रेस के एक विधायक ने एक नई मांग छेड़ कर मुद्दे को फिर से गर्म करना चाहा है . अभी हाल में ही राहुल गाँधी ने बयान दिया था कि आने वाले चुनावों में मोदी को हारने के लिए वो कुछ भी करेंगे , तो उसी से जोड़ कर भी कुछ लोग इस बयान को देख रहे हैं . भले ही महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लोगों के लिए नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया लेकिन इसको लेकर चल रही सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है।

इसी मराठा आरक्षण की मांग को दबने के बाद महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक की एक और मांग ने बीजेपी सरकार की मुश्किलों को बढ़ाने का काम किया है। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने कहा कि डांगर समाज और मराठा समाज के साथ-साथ मुस्लिमों के लिए भी हम आरक्षण चाहते हैं। मुस्लिम सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं और वो एसबीसीए (विशेष कैटेगरी) के अंतर्गत आते हैं।  इस बयान को उन्होंने बाकायदा दोहराया भी जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने इसका समर्थन भी किया ,. इस मामले पर अब तक कांग्रेस के केन्द्रीय कमान से कोई बयान न आना इसको साबित करता है कि उन्हें इस बयान से कोई आपत्ति नहीं है . इस मामले में हिन्दू संगठन आक्रोशित हैं और उन्होंने कांग्रेस पर अपने असली रूप और पुराने रूप में आने का आरोप लगाया है .


 

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