कमलेश तिवारी के गिरफ्तार गुनहगारों में से एक नितिन गडकरी जी के खिलाफ लड़ चुका है चुनाव.. वामपंथी सोच वालों ने दिया था उसका साथ


आतंक की दस्तक कहाँ व किस रूप में किसको कैसे मिल जाये इसका अनुमान लगाना मुश्किल है .  कमलेश तिवारी की हत्या के बाद आतंक का जहां एक नया रूप डिजिटल जिहाद देखने को मिला है तो वहीं हत्यारों के मददगारों की एक लंबी लिस्ट में ऐसे ऐसे नाम भी सामने आने लगे हैं जिन्होंने मज़हबी दुनिया या राजनैतिक संसार मे एक मुकाम पर जाने की बड़ी तैयारी कर ली थी. उसी में से एक और सनसनीखेज मामला फिर से सामने आया है जिसका संबन्ध कमलेश तिवारी के हत्यास्थल लखनऊ से दूर महाराष्ट्र के नागपुर से जुड़ा मिला..

कमलेश तिवारी हत्याकांड में बेहद सक्रिय पूरे भारत के पुलिस बल में जहां उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरेली के आला हज़रत के मौलवी को गिरफ्तार किया तो वहीं गुजरात पुलिस ने राजस्थान सीमा से दोनों हत्यारों को दबोच लिया है. अब महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद निरोधक  शाखा  ATS ने भी खोले अपने हाथ और गिरफ्तार किया है ऐसे जिहादी को जो लड़ चुका है केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के खिलाफ नागपुर से चुनाव.  सबसे बड़ी बात ये रही कि उसके चुनाव में कई वामपंथी विचारधारा वालों ने उसको सेक्युलरिज्म का मसीहा मान कर मदद भी की थी यद्द्पि उसके बाद भी वो चरमपंथी नितिन गडकरी जी के खिलाफ अपनी जमानत तक बचा पाने में सफल नहीं हो पाया था ..

इस बार महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार उन्मादी का नाम सैयद असीम अली है जो नागपुर में हार्डवेयर की दुकान चलाता है.. इसकी गिरफ्तारी 21 अक्टूबर को की गई है और ये कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में गुजरात पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार तीनों आतंकियों राशिद, मोहसिन और फैजान के बराबर सम्पर्क में रहा था.. सैयद असीम अली नागपुर से एक तथाकथित पार्टी “अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी” के बैनर पर वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ चुका है और अपने चुनाव प्रचार में इसके भाषणों के निशाने पर भाजपा व वर्तमान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी ही रहे थे. इसने भी 1 वर्ष पहले बाकायदा वीडियो अपलोड कर के कमलेश तिवारी को मौत की धमकी दी थी..


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