Breaking News:

भारत के मिशन चंद्रयान- 2 का विरोध सिर्फ एक जगह हुआ और वो जगह है भारत.. जानिए किसने किया ये विरोध ? जबकि चीन रूस और अमेरिका मान रहे भारत का लोहा

ये वो अभियान है जिस पर अमेरिका ही नहीं बल्कि इजरायल , चीन और रूस जैसे देशो ने लगातार नजर गडाए रखी है . ये अभियान दुनिया में भारत की तकनीकी और विज्ञान की वो धाक जमा रहा है जो ये साबित करेगा कि अब तकनीकी के मामले में भारत किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं रहेगा और इसी प्रदर्शन के चलते तमाम देश भारत के पीछे चलने को तैयार होंगे. ये भारत की हैसियत को सिर्फ जमीन ही नहीं बल्कि अन्तरिक्ष में भी प्रदर्शित कर रहा है .. लेकिन इसका भारत के अंदर हुआ विरोध..

कोई सोच भी नहीं सकता था कि दुनिया भर में भारत का डंका बजा देने वाले मिशन का सिर्फ एक जगह विरोध होगा और वो विरोध स्थल भारत ही होगा.. इस से पहले भी कश्मीर से धारा 370 खत्म करने के बाद जहाँ इजरायल , रूस , अमेरिका . कोरिया जैसे देश खुल कर भारत के साथ खड़े थे तो वहीँ कांग्रेस के बयानों से पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र तक में लाभ उठाया था ..अब उच्चतम तकनीकी के चंद्रयान मामले में भी ऐसे बयान आने लगे जिसका प्रयोग भारत विरोधी देश कर सकते हैं .

भारत आज उस समय इतिहास रचेगा जब चंद्रयान 2 का लैंडर विक्रम शनिवार तड़के एक से दो बजे के बीच चंद्रमा पर उतरना शुरू करेगा और उसके तड़के डेढ और ढाई बजे के बीच चंद्रमा को छूने की संभावना है लेकिन इसके विरोध में आ खड़ी हुई हैं सेकुलर नेताओं की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी .. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को चंद्रयान 2 को लेकर कहा है कि यह आर्थिक आपदा से ध्यान हटाने की कोशिश है। ममता बनर्जी ने कहा कि मानो देश में पहली बार ऐसा हो रहा हो। जैसा कि सत्ता में आने से पहले इस तरह के किसी भी मिशन को अंजाम नहीं दिया गया था।

Share This Post