“साध्वी प्रज्ञा को बीजेपी ने प्रत्याशी क्यों बनाया” प्रश्न पर खुलकर बोले पीएम मोदी.. दिया ऐसा जवाब जिससे मौन हुआ विपक्ष


बीजेपी की तरफ से मध्य प्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से फायरब्रांड हिंदूवादी नेता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को लेकर विपक्ष तथा कथित बुद्धिजीवियों द्वारा उठाये जा रहे सवालों का जवाब स्वयं प्रधानमन्त्री मोदी ने दिया है. पीएम मोदी ने साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में कहा है कि उनकी पार्टी ने साध्वी को टिकट काफी सोच समझकर दिया है..इसके बाद पीएम मोदी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट देने के जो कारण बताये, सवालों का जो जवाब दिया, उससे सवाल उठाने वाले निश्चित ही निरुत्तर हो गये हंगे.

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एन न्यूज़ चैनल को इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी से सवाल पूंछा गया था कि साध्वी प्रज्ञा पर आतंकी होने के आरोप हैं. अब आपने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ लड़ने के लिए। ये आपको कंट्राडिक्शन नहीं लगता है। साध्वी प्रज्ञा के बार में ये बोला जा रहा है। वो विभाजित करती हैं सोसायटी को, उनकी जो विचारधारा है। हिंदू-मुस्लिम विचारधारा है। एक तरह से पॉलिटिक्स का खेल है?

इस प्रश्न के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि इस तरह के सवाल और विवाद कांग्रेस की मोडस ऑपरेंडी का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि समझौता एक्सप्रेस का फैसला आ गया है. क्या निकला? पीएम ने कहा, ‘आपने (कांग्रेस) बिना सबूत के… दुनिया में 5,000 साल तक जिस महान संस्कृति और परंपरा ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया, ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ का संदेश दिया, जिस संस्कृति ने ‘एकम् सद् विप्रा: बहुधा वदन्ति’ का संदेश दिया, ऐसी संस्कृति को आतंकवादी कह दिया. एक साध्वी को प्रताड़ित किया’ उन्होंने कहा कि उन सबको जवाब देने के लिए यह (भोपाल सेसाध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी) एक प्रतीक है और यह कांग्रेस को महंगा पड़ने वाला है.

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पीएम ने मोदी ने कहा, ‘जब 1984 में श्रीमती गांधी की हत्या हुई. उसके बाद उनके सुपुत्र ने कहा था कि जब एक बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती है और उसके बाद देश में हजारों सरदारों का कत्लेआम किया गया. क्या यह टेरर नहीं था? क्या यह निश्चित लोगों का टेरर नहीं था? उसके बाद भी उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया गया और उस संबंध में मीडिया ने एक भी सवाल नहीं पूछा.’ पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग उस समय के आंखों देखे गवाह हैं कि इन्होंने (आरोपी) इतने सरदारों को जला दिया. उनको ही बाद में सांसद बनाया गया, केंद्र में मंत्री बनाया गया. उसमें से एक को अभी मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री (कमलनाथ) बनाया गया लेकिन कोई सवाल नहीं.

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कांग्रेस पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मोदी ने कहा कि जिन लोगों को कोर्ट ने सजा दी है, उन्हें लोग गले लगा रहे हैं, जेल में जाकर मिल रहे हैं. अस्पताल में आए तो उनसे मिलने जा रहे हैं. ऐसे लोगों को उसूलों की बातें करने का कोई हक नहीं है. कहा कि अगर अमेठी और रायबरेली के उम्मीदवार जमानत पर हों तो चर्चा नहीं होती लेकिन भोपाल का उम्मीदवार जमानत पर हो तो बहुत बड़ा तूफान खड़ा कर दिया जाता है.

पीएम मोदी ने कहा कि एक महिला को, वह भी एक साध्वी को इस प्रकार से प्रताड़ित किया गया जिसकी कोई सीमा नहीं है. पीएम ने कहा कि मैं गुजरात में रहकर आया हूं और मैं कांग्रेस की मोडस ऑपरेंडी (काम करने का तरीका) को भली-भांति समझ चुका हूं. उन्होंने कहा कि जैसे फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते हैं वैसे पहले कागज पर लिखकर स्क्रिप्ट लिखी जाती. एक छोटा सा कहीं से ढूंढकर लाएंगे, उसे फैलाएंगे, रंग भरेंगे, विलन को ले आएंगे और फिर हीरो-हीरोइन लाएंगे और फिर स्टोरी बनाएंगे. हमारे यहां जितने इनकाउंटर हुआ सबको ऐसे ही चलाया गया. हर घटना को ऐसे खींचते थे और जोड़ देते थे..ये कांग्रेस की संस्कृति रही है जो कांग्रेस को बेहद भारी पड़ने वाली है.

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