हिन्दुओं को दलित – सवर्ण में लड़ाने के दोषी भीम आर्मी प्रमुख रावण से मिलीं प्रियंका गांधी ..

राजनीति ने फिर से बदली है करवट और कभी मन्दिर घूम कर हिमालय में महादेव शिव के दर्शन करने वाले राहुल गाँधी और उनकी पूरी टीम उस पटरी से बेपटरी होती दिखने लगी है जिस पर चलते हुए उन्होंने मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ और राजस्थान को जीत लिया और साथ ही गुजरात में भी भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर दे डाली थी .

ज्ञात हो कि सबसे पहले भारत के सबसे बड़े दुश्मन आतंकी मसूद अजहर को मंच से जी शब्द बोल कर राहुल गाँधी ने कट्टरपन्थियो को खुश कर रखा है और अब हिन्दुओ को दलित सवर्ण में लड़ा कर राजनीति की रोटी सेंकने वाले भीम आर्मी प्रमुख रावण से मिल कर प्रियंका गांधी ने भी एक अलग दांव खेला है . इसके बाद से ही सवाल उठने लगा है कि अब सवर्ण हिन्दुओ का साथ कौन देगा और खुद को उपेक्षित महसूस करता सवर्ण हिन्दू किस को वोट करे ..

यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि सहारनपुर का रावण सवर्ण हिन्दुओ के खिलाफ आये दिन जहरीली बयानबाजी करता है और साथ ही मुस्लिम दलित एकता का बहुत बड़ा पक्षधर है . प्रियंका गांधी ने पहले तो रावण से मिलने के लिए इंकार किया था लेकिन अचानक ही उनकी मुलाक़ात से इतना तो जाहिर हो गया है कि कांग्रेस की नजर भी दलित मुस्लिम वोटों के गठजोड़ पर है जिस पर पहले से ही सपा बसपा अपना अधिकार जता रहे हैं .

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