रिहाई मंच ने कांग्रेस को कहा – ‘ खून से सनी पार्टी”

भारतीय जनता पार्टी की लगातार आलोचना कर के तमाम आतंकियों की खुली पैरवी करते हुए अपनी एक अलग छवि बना रही रिहाई मंच से कांग्रेस पार्टी की उम्मीदें उस समय धूमिल होती दिखीं जब रिहाई मंच ने कांग्रेस पार्टी और उसके उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजबब्बर को सीधा और खड़ा जवाब दिया .. रिहाई मंच ने कांग्रेस पार्टी के लिए जो शब्द प्रयोग किये वो शायद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी तक के लिए कभी नहीं प्रयोग किये थे . 

विदित हो की कांग्रेस की तमाम कोशिशो पर कुठाराघात करते हुए आतंकियों की पैरवी के लिए विख्यात लखनऊ स्थित रिहाई मंच ने कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को खुले शब्दों में साफ़ साफ कहा कि वो किसी भी मंच से कांग्रेस पार्टी के सन्दर्भ में रिहाई मंच का नाम लेना तत्काल बंद करें . इतना ही नहीं , रिहाई मंच ने कांग्रेस पार्टी को खुले शब्दों में खून से सनी हुई पार्टी बताया है जिसके बाद राजनैतिक बवाल मचा हुआ है . इतना ही नहीं रिहाई मंच से साफ़ साफ़ शब्दों में कान्ग्रेस पार्टी को १९९२ , भागलपुर , मुज़फ्फरनगर, हसिमपुरा , असम आदि कई दंगो का दोषी बताया है जिसमे उसके अनुसार मुसलमानों को मारा गया था .  

रिहाई मंच ने कहा कि कुछ कार्यकर्त्ता गए होंगे उनकी पार्टी में पर बाटला हाउस में क़त्ल किए गए संजरपुर, आजमगढ़ के साजिद और आतिफ के खून से रंगी पार्टी से रिहाई मंच का कोई वास्ता नहीं. यह सरासर गलतबयानी है और रिहाई मंच की जुझारू पहचान को हल्का करने की धूर्तता है. यह मंच की छवि को भुनाने की ओछी हरकत है. इस पूरी बयानबाजी में कहीं से भी एक भी बार इंस्पेक्टर मोहनचंद्र शर्मा का नाम नहीं लिया गया और सिर्फ आतंकियों के लिए बयानबाजी हुई .. रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा की गुजरात के पीड़ितों के राहत कैम्पों को आतंकियों से जोड़ने वाले मोदी की राह पर चलने वाले राहुल गांधी जिनको मुज़फ्फरनगर के राहत कैम्पों में आतंकी नज़र आते हैं की राह फ़ासीवाद-मनुवाद की वही राह है जो देश को तबाह कर रही है. गुजरात जनसंहार के गुनहगार को बचाकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का मौका देने वाली कांग्रेस ने आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों और माओवाद के नाम पर आदिवासियों के खात्मे की जो गन्दी राजनीति की उसके हम विरोधी ही नहीं बल्कि इन्हें कातिल मानते हैं.

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