80 साल की बूढी मां को घर से निकाल कर बोला कांग्रेस विधायक – “भाजपा की चाल है ये”.. वो बेघर माँ एक पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी हैं

कभी पूरे प्रदेश में उनकी तूती बोला करती थी क्योकि वो थी मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी .. उन्होंने अपनी जान की तरफ पाला उस बेटे को जो आज विधयक है और मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने पिता अर्थात बेघर हुई अपनी माता के पति के नाम पर जीत कर विधानसभा में पहुंचा है . जी हाँ . ये चर्चा चल रही है बेटी और महिलाओं के सम्मान के नाम पर भारतीय जनता पार्टी को आये दिन घेर रही कांग्रेस की जिसके एक विधायक ने अपनी ही 80 साल की वृद्धा माता को बेघर कर दिया और और दर दर भटकने पर मजबूर भी .. हैरानी की बात ये है की अपनी खुद की माता को बेघर करने आरोप भी उसने भारतीय जनता पार्टी के ऊपर इतने विश्वास से लगा दिया जैसे सब उसे मान लेंगे ..

मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी मृत्यु के बाद भी सबसे प्रभावी नाम रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के परिवार का ये है मामला जहाँ उनकी पत्नी ने अपने ही बेटे पर खुद के साथ 80 साल की उम्र में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है . अकूत सम्पत्ति के मालिक माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के परिवार में एक घर तक के लिए विवाद चल रहा है जिसमे माता अकेली रह गयी और उधर से बेटे और बहू दोनों एक हो गए हैं . इस पूरे मामले में महिलाओं के सम्मान की तमाम बातों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को भोपाल और दिल्ली में घेरने वाले कांग्रेस के उच्च अधिकारी एकदम खामोश हो चुके हैं और अपने विधायक की हाँ में हां मिला रहे है की उनकी माता भाजपा से मिली हैं . 

मध्य प्रदेश  के पूर्व मुख्यमंत्री, गांधी परिवार के बेहद खास रहे राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज कुमारी ने अपने दोनों बेटों अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह और बहू सुनीति सिंह पर घर से बेदखल किए जाने का आरोप लगाया है। अर्जुन सिंह की पत्नी ने अब न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली है। भोपाल में कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अजय सिंह, अभिमन्यु और सुनीति को नोटिस जारी किए हैं। वकील दीपेश जोशी के जरिए से यह याचिका कोर्ट में पेश की गई। 80 साल की सरोज कुमारी मंगलवार एनआरआई उद्योगपति सैम वर्मा और बेटी वीणा सिंह के साथ कोर्ट पहुंचीं। उन्होंने अपनी अर्जी में कहा, ‘मेरे बेटों अजय सिंह (राहुल भैया) और अभिमन्यु सिंह ने घरेलू हिंसा कर मुझे मेरे ही घर से बेदखल कर दिया है। उन्होंने मेरा भरण-पोषण करने से इनकार कर दिया है। इस वजह से मुझे मजबूरी में अदालत की शरण लेनी पड़ी है।’ आपको बता दें कि, सरोज सिंह अपने दोनों बेटे से अलग नोएडा में रह रही हैं। 


 

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