2 मासूम बच्चे चिलचिलाती गर्मी में बीएसपी व समाजवादी पार्टी का पेंट अपने शरीर पर पुतवाए घूम रहे थे.. जब उनसे पूंछा सच तो नाम सामने आया फखरुद्दीन का

लोकसभा चुनाव 2019 के सियासी रण में जहाँ सत्ता तथा विपक्ष की तरफ से एक के बाद एक ज़ुबानी तीर छोड़े जा रहे हैं तो वहीं इस बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आ जाती हैं तो राजनीति के गिरते स्तर तथा स्वार्थी होने का प्रमाण देती हैं. मामला उत्तर प्रदेश के बलरामपुर का है जहाँ यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव की जनसभा में दो मासूम बच्चों को राजनीतिक मोहरा बनाते हुये कई घंटों तक नंगे बदन धूप में रखा गया. एक को सपा तो दूसरे को बसपा के रंग में रंगा गया था.

आपको बता दें कि पैसों का लालच देकर इन दोनों मासूम बच्चों के साथ ज्यादती की गई. मामला रेहरा बाजार इलाके की है. जहां शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जनसभा थी. इस जनसभा में दो मासूम बच्चे भी नजर आये. गडरहिया गांव का रहने वाला मोहम्मद कैफ और विवेक नाम के दोनों छात्रों को कड़ी धूप में बच्चे नंगे बदन खड़ा रखा गया. वहीं चिलचिलाती धूप में अखिलेश यादव जब मंच पर पहुंचे तो इन दोनों मासूमों को बुलाकर गठबंधन का महत्व बताया गया.

इसके बाद मासूम बच्चों के साथ जो किया उसने समाजवाद की पोल खोल दी. आपको बता दें कि अखिलेश यादव के जाते ही दोनों मासूम बच्चों छोड़ दिया गया. जब हमने बच्चों से उनके बारे में पूछा तो दोनों ही बच्चो ने बड़ी मासूमियत से सच्चाई उगल दी. बच्चों ने बताया कि गडरहिया गांव के प्रधान फखरुद्दीन एक को सपा तथा दूसरे को बसपा के रंग में रंगा कर लाये है. इसके लिये दोनों बच्चों को पैसे का लालच दिया गया. अखिलेश जी चले गये लेकिन उन्हें पैसे नहीं दिए गये.

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