मोदी को वोट दे सके वो इसलिए छोड़ दी ऑस्ट्रेलिया की नौकरी… भारत आया, सिर्फ एक वोट के लिए

इसे पीएम मोदी के प्रति उसकी दीवानगी कहें या फिर राष्ट्र के स्वाभिमान तथा सुरक्षा के प्रति उसका समर्पण.. लेकिन उसने जो किया..उसके लिए उसकी जितनी तारीफ़ की जाए वो कम ही है. एकतरफ वो लोग हैं जो मतदान वाले दिन को छुट्टी के रूप में लेते हैं तथा घर पर होने के बाद भी वोट नहीं करते लेकिन दूसरी तरफ ये युवा है वो वोट करने के लिए, मोदी जी को वोट करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया तथा भारत आ गया.

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हम बात कर रहे हैं कर्नाटक के रहने वाले सुधींद्र हेब्बार की जो ऑस्ट्रेलिया में नौकरी करते थे और वोटिंग के दिन की छुट्टी न मिलने पर उन्होंने नौकरी छोड़कर वोट देना उचित समझा. ने इसलिए नौकरी छोड़ दी, क्योंकि वो पीएम मोदी को प्रधानमंत्री बनवाना चाहते हैं और जब उन्हें वोटिंग वाले दिन की छुट्टी नहीं मिली तो उन्होंने नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया. सुधींद्र का कहना है, ‘मुझे 5 अप्रैल से 12 अप्रैल तक की छुट्टी मिली थी. मैं इन छुट्टियों को और नहीं बढ़ा सकता था, क्‍योंकि आने वाले दिनों में ईस्‍टर और रमजान की वजह से एयरपोर्ट पर भारी भीड़ होने वाली थी. साथ ही मैं किसी भी हालत में वोट करना चाहता था. इसलिए मैंने इस्‍तीफा देकर घर वापस लौटने का फैसला किया.’

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बता दें कि सुधींद्र एमबीए की पढ़ाई कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि सिडनी में मैं दुनिया भर से आए लोगों के बीच काम करता हूं, जिसमें  यूरोपियन और पाकिस्‍तानी भी शांमिल हैं. मुझे गर्व होता है जब वे कहते हैं कि भारत का भविष्‍य बहुत अच्‍छा है. मैं भारत की बदलती इमेज और इस कामयाबी का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दूंगा. साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सीमा पर जाकर अपने देश की रक्षा तो नहीं कर सकता लेकिन वोट डालकर एक वोटर के फर्ज को तो निभा सकता हूं.

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नौकरी को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं ऑस्‍ट्रेलिया में परमानेंट रेजिडेंट कार्ड होल्‍डर हूं. मैं पहले भी सिडनी में रेलवे के साथ काम कर चुका हूं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि दूसरी नौकरी खोजने में कोई दिक्‍कत आएगी. सुधीन्द्र ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी वो 17 अप्रैल 2014 को भारत आए थे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर वापस सिडनी चले गए थे. इस बार भी वे 23 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद वो सिडनी जाएंगे और कोई दूसरी नौकरी ढूंढेंगे.

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