राहुल गांधी का गढ़ ढहने लगा उस समय 13 सभासदों ने ओढ़ लिया भगवा और बोलने लगे – “मोदी योगी जिंदाबाद


राहुल गांधी का गढ़ अर्थात उनका संसदीय क्षेत्र अमेठी क्या इस बार उनके साथ से निकल जाएगा?? अगर ये प्रश्न 2014 से पहले पूंछा जाता तो सीधा जवाब होता था कि ऐसा नहीं होगा. लेकिन अब स्थितियां बदल चुकी हैं तथा संभावना जताई जा रही है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के लिए अमेठी जीतना काफी मुश्किल होने वाला है. पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को बीजेपी की स्मृति ईरानी ने कड़ी टक्कर दी थी. स्मृति ईरानी हार भले ही गई थी लेकिन इसके बाद उन्होंने अमेठी में डेरा डाला हुआ है तथा राहुल गांधी से ज्यादा अमेठी में सक्रिय हैं. यही कारण है कि अमेठी की हवा बदल रही है तथा राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ रही हैं.

अमेठी में पहले से ही मुश्किलों में सामना कर रहे राहुल गांधी को उस समय करारा झटका लगा जब कांग्रेस पार्टी के 13 सभासदों ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया. योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याणमंत्री मोहसिन रजा की मौजूदगी में सभी सभासदों ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है. सबसे बड़ी बात ये है कि बीजेपी ज्वाइन करने वाले सभी सभासद अल्पसंख्यक समाजसे आते हैं. कहा जा रहा है कि इन 13 सभासदों के अलावा अल्पसंख्यक समाज की कई महिलाएं और पुरुषों ने भी बेजेपी ज्वाइन किया  है. बता दें कि अमेठी कांग्रेस पार्टी की परंपरागत लोकसभा सीट है. अभी यहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं. ऐसे में यह कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.

इस इस दौरान मंत्री मोहसिन रजा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा तथा कहा कि कांग्रेस सम्प्रदाय और बंटवारे की राजनीति करती है. जबकि भाजपा सबका साथ और सबका विकास की राजनीति करती है. कांग्रेस के साथ- साथ मंत्री ने सपा-बसपा पर भी करारा हमला किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी से डरकर इन लोगों ने गठबंधन किया है. उन्होंने कहा कि ये सभी सभासद अब नरेंद्र मोदी जी को दोबारा प्रधानमन्त्री बनाने के लिए काम करेंगे.


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