न जातिवाद चला न क्षेत्रवाद, डंका बजा तो सिर्फ हिन्दू और हिंदुत्व का.. मिला एक सन्देश- हिन्दू हो चुका है एक

2019 लोकसभा चुनाव के जिस तरह से परिणाम सामने आ रहे हैं, उससे एक बात साफ़ साबित हो रही है कि हिन्दू राष्ट्रवाद के प्रणेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर हुतात्मा वीर सावरकर के बताये गये रास्ते पर देश का हिन्दू समाज चल पड़ा है तथा संगठित होकर उन ताकतों के खिलाफ न सिर्फ मुखर हुआ है बल्कि हराने के लिए वोट भी किया है, जो ताकतें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कभी हिंदुत्व के पूज्य भगवा तथा हिन्दू समाज को ही आतंकी बताती हैं, प्रभुश्रीराम को काल्पनिक बताती हैं.

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना जारी है तथा ताजा रुझानों के मुताबिक़, भारतीय जनता पार्टी नीत गठबंधन NDA 350 लोकसभा सीटों पर आगे है. अगर बात भारतीय जनता पार्टी की करें तो खुद बीजेपी 294 लोकसभा सीटों पर बढ़त बनाये हुए है. बीजेपी तथा NDA का ये प्रदर्शन 2014 के लोकसभा चुनाव से भी बेहतर है क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव में जहाँ बीजेपी को खुद 282 सीटों पर जीत मिली थी तो NDA 337 सीटें जीता था.

बीजेपी को इतनी बड़ी जीत क्यों और कैसे मिली, इसके तमाम कारण बताये जा सकते है लेकिन जो सबसे बड़ा कारण है वो हिन्दुत्व तथा हिन्दुओं की एकता. इस चुनाव में न जातिवाद चला न क्षेत्रवाद चला बल्कि सिर्फ और सिर्फ हिंदूवादी राष्ट्रवाद चला. बीजेपी को इस चुनाव में जिस तरह की बड़ी जीत हासिल हुई उसने साफ़ सन्देश दिया है कि अब हिन्दू एक हो चुका है तथा जो ताकतें हिन्दू आस्थाओं पर प्रहार करती हैं, हिन्दुओं को नीचा दिखाने की कोशिश करती हैं, उन्हें संगठित हिन्दू अब और बर्दाश्त करने वाला नहीं है.

इस चुनाव में सपा, बसपा, कांग्रेस, आरजेडी, टीडीपी और अन्य तमाम विपक्षी पार्टियाँ जहाँ लोगों को क्षेत्रवाद तथा जातिवाद के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही थी तो वहीं बीजेपी सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ हिन्दू, हिंदुत्व तथा राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनावी मैदान में थी. विपक्ष ने तमाम कोशिश की जनता को बरगलाने की लेकिन जनता ने विपक्ष के जातिवाद तथा क्षेत्रवाद के बजाय बीजेपी के उस राष्ट्रवाद को चुना जो हिंदुत्व के मुद्दे पर आधारित था, जहाँ भगवा आतंकवाद नहीं बल्कि सर्वपूज्य है, जहाँ श्रीराम काल्पनिक नहीं बल्कि हिन्दुतान की पहिचान हैं.

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