जो पाकिस्तानी और ISIS की टी शर्ट पर खामोश रहे वो मनोज तिवारी द्वारा पहने फ़ौजी कपड़े पर बोल नही बल्कि चीख पड़े

वर्तमान समय में भारत के जांबाजों द्वारा पहनी जाने वाली वर्दी के रंग और उस से मिलती जुलती टी शर्ट पहनने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी काफी चर्चा में हैं . उनके टी शर्ट वाली फोटो को खूब वायरल किया जा रहा है और ऐसे दुष्प्रचारित किया जा रहा है जैसे कि उन्होंने कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो . अगर इस मामले में गौर किया जाय तो इसका प्रचार करने वाले मीडिया के और राजनीति के दोनों ही एक ही मानसिकता वाले हैं .

ज्ञात हो कि अभिनंदन के वापस सुरक्षित लौटने और भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तानी सीमा में घुस पर वार करने के बाद राजनीति , खेल , व्यवसाय, मनोरंजन  आदि जगत से जुड़े तमाम लोगों ने अपने अपने अंदाज़ में खुशियाँ मनाई थीं . इतना ही नहीं , कुछ लोगों ने अपने कथित हथियार अभिव्यक्ति की आज़ादी का भी पूरी तरह से प्रयोग किया और इमरान खान के साथ साथ पाकिस्तानी सेना को भी खुल कर धन्यवाद दिया . लेकिन उसका विरोध उस मानसिकता वालों में से किसी ने भी पल भर के लिए भी नहीं किया .

लेकिन उन्ही लोगों ने जैसे ही भाजपा सांसद मनोज तिवारी को फ़ौज की टी शर्ट में देखा वैसे ही उनके ऊपर एक पूरा वर्ग टूट पड़ा . किसी ने उनको फ़ौज के नाम पर राजनीती करने वाला बताया तो किसी ने उन्हें सेना का अपमान करने वाला बताया . इन बयानबाजो में वो भी शामिल हैं जो आज तक एयर स्ट्राइक का सबूत मांग रहे हैं . लेकिन अगर गौर किया जाय तो पिछले कुछ समय से कश्मीर में उसी फ़ौज पर ISIS की टी शर्ट पहन कर तमाम पत्थरबाजो ने पत्थर बरसाए . तमिलनाडु में एक ग्रुप ने ISIS की टी शर्ट के साथ फोटो ली . अभी हाल में ही झारखण्ड में पाकिस्तानी टी शर्ट के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की गयी .. फिर भी वो सब के सब खामोश रहे थे उनमे से एक ने भी इसको गलत बताते हुए आवाज नहीं उठाई . ये उस समय भी खाम्सोह रहे थे जब भारत के सेनापति को गली का गुंडा जैसा अक्षम्य शब्द बोला गया था . . अब सवाल ये भी खड़ा होता है कि सिर्फ सेना से मिलती जुलती टी शर्ट पर इतना विवाद खड़ा करना किस से नफरत को दर्शाता है ? मनोज तिवारी से या सेना से ?

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