Breaking News:

कर्नाटक में भगवा विजय को #BJP ने झोंकी पूरी ताकत… अब ये बेहद लोकप्रिय नेता उतरेगा चुनावी रण में जिससे उड़ सकते हैं #Congress के होश

 


जैसे जैसे कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आती आ जा रही है, वैसे वैसे हर राजनैतिक पार्टी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है. एक तरफ जहाँ राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तथा अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में लगी है वहीं कांग्रेस मुक्त भारत के मिशन के साथ भारतीय जनता पार्टी राज्य में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तथा प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्यभर में धुआंधार चुनाव प्रचार में जुट गयी है.

कर्नाटक में बढ़ते चुनावी परे के बीच अब राज्य का माहौल पूरी तरह से गरमा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भाजपा को जिताने के लिए चुनावी रणभूमि में उतरने वाले हैं. सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के चुनाव प्रचार में उतरने के बाद कर्नाटक में अपने तीसरे स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ को भी झोंकने की तैयारी कर ली है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ गुरुवार से कर्नाटक के चुनावी दौरे पर रहेंगे और 10 मई तक दो दर्जन से ज्यादा चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे.

योगी आदित्यनाथ का चुनावी दौरा तय हो चुका है. भटकल और तटीय कर्नाटक के चुनावी जैसे संवेदनशील इलाकों में योगी की सभाएं ज्यादा लगाई गई हैं, ये वो इलाके हैं जो न सिर्फ सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील हैं बल्कि यहां नाथ संप्रदाय के लोगों की तादात भी काफी ज्यादा है. इस चुनाव प्रचार के दौरान उनकी कोशिश रहेगी कि साधु, संतों और महंतों को भी अपने पक्ष में किया जाए. वह जनसभाओं के अलावा कई साधुओं से भी मिलेंगे. योगी आदित्यनाथ गौड़ा, लिंगायत और नाथ संप्रदाय की साधू और महंतों से अलग से मिलेंगे और उनका आशीर्वाद भी लेंगे. अपने इस यात्रा के दौरान वह चिकमंगलूर के मठ में रुकेंगे.

योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की नोक-झोंक भी पिछले कुछ महीनों में चर्चा में रही है. इन दोनों के बीच ट्विटर वार भी हो चुका है, ऐसे में योगी आदित्यनाथ कर्नाटक के चुनाव प्रचार में जाने-माने चेहरे बनकर उभरे हैं और बीजेपी हर हाल में इनका पूरा इस्तेमाल कर लेना चाहती है. दुसरी ओर योगी आदित्यनाथ की छबि की प्रखर हिंदूवादी नेता की मानी जाती है, और भाजपा को उम्मीद है कि देश में बेहद लोकप्रिय उत्तर प्रदेश के भगवाधारी मुख्यमंत्री राज्य में कमल खिलाने में कामयाब रहेंगे तथा एक और राज्य भगवामाय हो जायेगा. खैर राज्य की जनता के मन में क्या चल रहा है, इसका 15 मई को चलेगा जब चुनाव परिणाम आयेंगे.

Share This Post