आतंकियों के लिए माँगा जा रहा था मानवाधिकार… उधर मार डाला गया वो सैनिक जो दफनाने आया था अपने बेटे को

हाल ही में भारतीय सेना द्वारा एक ऑपरेशन के दौरान मारे गये आतंकियों के शव को सेना द्वारा घसीट कर ले जाने के कुछ फोटो सामने सामने आये थे जिस पर देश के तथाकथित मानवाधिकार कार्यकर्ता चीख उठे थे तथा सेना पर ही सवाल खड़े कर रहे थे. एकतरफ जहाँ मानवाधिकार आतंकियों से हमदर्दी जताकर सेना को निशाना बना रहे थे तो वहीं कांग्रेस, पीडीपी तथा एनसी जैसे दलों ने भी सेना की ये कहकर आलोचना की कि आतंकियों के शव को घसीटा जाना मानवाधिकार का उल्लंघन है.

आतंकियों की मौत पर चीखने वाले ये मानवाधिकारी तथा राजनेता उस समय मौन हो गये जब जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सोमवार को आतंकवादियों ने प्रादेशिक सेना के जवान की गोली मार कर हत्या कर दी. जवान कुछ दिन पहले एक सड़क हादसे में अपने बेटे की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार के लिए घर गया हुआ था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया के कुलगाम जिले के शुरात में आतंकवादी प्रादेशिक सेना के जवान मुख्तार अहमद मलिक के घर में घुस गए और उन्होंने नजदीक से उन्हें गोली मार दी. अधिकारी ने बताया कि मलिक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. उन्होंने कहा कि लांस नायक मलिक अपने बेटे के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए छुट्टी पर थे. पुलिस ने कहा कि मलिक क्षेत्रीय सेना में शामिल होने से पहले विद्रोही था. संदिग्ध आतंकवादी रिपोर्टर बनकर घर में घुसे थे. मलिक के रिश्तेदारों ने कहा कि संदिग्ध आतंकवादी संवाददाताओं के रूप में आए और कहा कि वे मलिक से मिलना चाहते हैं. रिश्तेदार ने कहा, ‘वे (आतंकवादी) कमरे के अंदर गए, जहां शोक में लोग बैठे थे. उन्होंने उसे देखा और गोली चला दी और फिर वो बाहर निकल गए.’

सेना ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘वह (लांस नायक मुख्तार अहमद जो आतंकवादियों द्वारा मारे गए हैं) कुछ दिनों पहले अपने बेटे के असामयिक निधन पर कुलगाम में छुट्टी पर थे और अपने बेटे के अंतिम संस्कार में भाग लेने गए थे.  हम शहीद के परिवार के साथ एकजुटता से खड़े हैं और दुःख की इस घड़ी में और भविष्य में पूरा समर्थन सुनिश्चित करते हैं.’ शूरात गांव के स्थानीय लोगों के मुताबिक मलिक का बेटा कुछ दिनों पहले कुलगाम में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसकी टीन दिन पहले की मौत हो गयी थी. गांववालों का कहना है कि अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने आये मुख्तार को आतंकियों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गयी.

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