आतंक के लिए सब कुछ हाजिर .. BSF जवान को फंसाने के लिए लड़की का इस्तेमाल किया और वो सब कुछ उगलता चला गया

आतंक को फैलाने की और भारत के खिलाफ उन्माद की हद तो ये हो गयी है कि उसके लिए कुछ भी करना हो , वो तैयार हैं . कुछ भी सौंपना हो वो उसके लिए भी तैयार हैं . बस उन्हें उस भारत को फतह करना है जिसका सपना उन्हें उनके पुरखे दिखा कर गये हैं . इसके ही चलते उन्होंने आतंक का संक्रमण वहां तक फैला डाला जहा तक है जहाँ की उन्हें किसी के आगे लड़कियां तक पेश करनी पड़ रही हैं .

एक बार फिर से उन्ही विषकन्याओं के जाल में फंस गया भारत की सीमा सुरक्षा बल BSF का एक जवान जो न सिर्फ देश की सीमाओं की रक्षा की शपथ ले कर वर्दी पहना था अपितु एक पत्नी का पति और २ बच्चो का पिता भी था . हनी ट्रैप के मामले में फंसने वाले बीएसएफ के सिपाही का नाम अच्युतानंद मिश्रा रीवा मध्य प्रदेश का रहने वाला है, जो कि वर्ष 2006 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था। ये सफलता आख़िरकार उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ATS को मिली है जब उन्होंने एटीएस की टीम ने सीमा सुरक्षा बल के एक ऐसे सिपाही को गिरफ्तार किया है, जो हनीट्रैप में फंसा हुआ है। इस बारे में डीजीपी ने एटीएस ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले में पूरी जानकारी दी।

जनवरी 2016 में मिश्रा की मित्रता फेसबुक आईडी के जरिए एक महिला से हुई थी। महिला ने खुद को डिफेन्स रिपोर्टर बताया था। शुरूआत में दोनों के बीच बातें हुईं, फिर मिश्रा ने गोपनीय सूचनाएं (यूनिट की लोकेशन, शस्त्र गोला बारूद का विवरण, बीएसएफ परिसर के चित्र और वीडियो) देना शुरू कर दिया। दूसरे चरण में पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सऐप बात शुरू हुई, जिसके बाद यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया कि मिश्रा यह सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा है। मामले की जांच में टीम को मिश्रा के मोबाइल और फेसबुक से तमाम साइबर साक्ष्य मिले हैं। इसकी ओर से भेजे गए चित्र और वीडियो भी एक्सट्रैक्शन में मिल गए हैं। जिस व्हाट्सऐप नंबर से यह बात करता था। वह पाकिस्तान दोस्त के नाम से सेव मिला।

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