एक आह्वान के बाद कश्मीर पुलिस के 9 SPO के नौकरी छोड़ने की खबर. बीच में आ रहा पस्तूना मस्जिद और उसके इमाम का नाम


पूरे देश में नेताओं के स्वर भले ही तेजी से गूँज रहे हों कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है लेकिन कश्मीर के बुनियादी हालात उनकी लच्छेदार बातों को दे रहे हैं चुनौती . कुछ दिन पहले आतंकियों के साथ कश्मीर के कई मजहबी ठेकेदारों ने एक एलान किया था जिसमे कश्मीर पुलिस में काम कर रहे स्पेशल पुलिस अफसरों जिन्हें SPO कहा जाता है ,,को मजहब आदि का हवाला देते हुए नौकरी छोड़ देने आतंकियों का साथ देने के लिए कहा गया था .. आख़िरकार अब वो आह्वान रंग ला रहा है और आतंकियों की धमकी और आह्वान के बाद कुछ ने खौफ से और कुछ ने मजहबी भावनाओ के चलते नौकरियां छोडनी शुरू कर दी हैं .

ध्यान देने योग्य है कि दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के नौ एसपीओ (स्पेशल पुलिस अफसर) ने नौकरी छोड़ दी है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इनके नौकरी छोड़ने का एलान इलाके की दो मस्जिदों से किया गया था . कश्मीर के तत्कालीन डीजीपी डॉ. एसपी वैद ने भी बताया था कि सोशल मीडिया पर नौकरी छोड़ने की बात चल रही है और उन सभी तथ्यों का गहराई से पता लगाया जा रहा है। कश्मीर पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया तो ये भी मस्जिद के मौलवी की ओर से कहा गया कि एसपीओ के नौकरी छोड़ने का पत्र प्राप्त हुआ है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मस्जिद का नाम पस्तूना मस्जिद है जिसमे में एसपीओ परवेज अहमद अहंगर, हिलाल अहमद खान, मुजफ्फर अहमद खान, मुदासिर अहमद मीर, इरशाद अहमद राथर व इशरत अली का पत्र मिला है। लारोव मस्जिद के इमाम को इशहाक अहमद भट, गुलजार अहमद वानी व एजाज अहमद मीर के नौकरी छोड़ने का पत्र मिला है। दोनों मस्जिदों के इमामों ने एलान किया कि एसपीओ ने पत्र में माफी मांगी है। साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की बात कहते हुए जनता से भी माफी मांगी है। बताते हैं कि नौ एसपीओ के नौकरी छोड़ने के बाद पुलिस प्रशासन सभी की सुरक्षा की नए सिरे से कवायद कर रही है।


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