जिन्दा मोर्टार से खेल रहे 8 अफगानी बच्चे मरे . यदि ये है इस्लामिक मुल्कों का वर्तमान तो कैसा होगा भविष्य ?

जरा कल्पना कीजिए उस देश की जहाँ बच्चो को खिलौने के बजाय सीधे सीधे जिन्दा बम और मोर्टार दिए जा रहे हो .. उस देश में किताबों को खरीदने के लिए जहाँ के लोग पैसे न लगा कर मोर्टार खरीद रहे हों . भले ही दुनिया भर में ऐसे देश अपनी गरीबी का रोना रोते हुए तमाम प्रकार की मदद ले रहे हों ऐसी घटनाओं से ये जरूर साबित हो रहा है कि विदेश की मदद शायद किताबों में नहीं बल्कि मोर्टार आदि खरीदने में दुरूपयोग हो रहा हो .

ज्ञात हो कि इस्लामिक मुल्क अफगानिस्तान में अचानक ही खेल रहे बच्चों को उस समय मौत आ गयी जब उनके हाथों में रखा गया एक मोर्टार अचानक ही फट गया . बच्चो को पता भी नहीं था कि उन्हें खेलने के लिए जो दिया गया था उसमे क्या है .. लेकिन यही खेल उस समय भारी पड़ गया जब वो वह एक बिना फटे मोर्टार तक पहुंच गए। औऱ अचानक से मोर्टार फट गया। मरने वाले में चार तो ऐसे हैं जो रिश्ते में भाई बहन थे , मतलब वो परिवार ही समाप्त हो गया .

इस हृदय विराद्क घटना की जानकारी देते हुए ब्लास्ट में मारे गये बच्चों के परिजनों ने बताया कि आठ बच्चों के अलावा छह अन्य बच्चे भी घायल हो गए। घायलों को उत्तर-पश्चिमी प्रांत फरयाब के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों की उम्र पांच साल से 12 साल बताई जा रही है। एक प्रत्येक्षदर्शी ने कहा कि ‘मैं दौड़कर घटनास्थल पर गया और देखा कि बच्चे खून से लथपथ पड़े थे। जिन्हें लोगों की मदद अस्पताल ले जाया गया। और मामले की सूचना मिलने पर सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। और स्थिति को संभालते विस्फोट का जिम्मेदार तालिबान को ठहराया। क्योंकि पिछले सप्ताह तालिबान ने कोह सप्ताह गांव पर कब्जा कर लिया था। जहां बच्चे रहते थे। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान आतंकी समूह का आतंक छाया हुआ है जिसकी वजह से वहां पर शांति नहीं है।

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