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नेपाल जान गया वामपंथ के दुष्परिणाम… फिर से उठी हिन्दू राष्ट्र की मांग

हिंदुस्तान का पड़ोसी देश नेपाल संभवतः वामपंथ तथा कथित धर्मनिपेक्षता के दुष्परिणामों को जान गया है तथा नेपाल में एक बार फ‍िर हिंदू राज्‍य घोषित करने की मांग तेज हो गई है. नेपाल में एक दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ने सरकार से धर्मनिरपेक्षता के प्रावधान को रद करके देश को हिंदू राज्य घोषित करने की मांग की है. मांग की गई है कि नेपाल की 80 फीसदी से ज्यादा आबादी हिन्दू है, इसलिए नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र से हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाये.

बता दें कि वर्ष 2006 से नेपाल की व्‍यवस्‍था में कई तरह के बदलाव देखे गए हैं. वर्ष 2008 में नेपाल ने अपने आपको हिंदू राष्‍ट्र की जगह एक धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किया था. नेपाल में राजतंत्र के स्‍थान पर धर्मनिरपेक्ष राज्‍य की स्‍थापना हुई. बुधवार को नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री कमल थापा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री केपी ओली को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि नेपाल को धर्मनिरपेक्षता के प्रावधान को रद करके पूरी धार्मिक स्वतंत्रता के साथ एक हिंदू राज्य घोषित किया जाना चाहिए. इस बाबत पार्टी ने प्रशासन के जरिए नेपाल के प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा.

बताया गया है कि राष्ट्रीय जनता पार्टी ने नेपाल के संघीय ढांचे के लिए भी जनमत संग्रह की मांग की है.  राष्ट्रीय जनता पार्टी ने कहा है कि हिूदू, नेपाल का सबसे बड़ा धर्म है इसलिए नेपाल को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए. बता दें कि 2011 की जनगणना के अनुसार, 81.3 फीसद नेपाली आबादी हिंदू थी, 9.9 फीसद बौद्ध थी, 4.4 फीसद मुस्लिम थी, 3.3 फीसद किराटिस्ट (स्वदेशी जातीय धर्म) थी, 1.4 फीसद ईसाई थी, 0.2 फीसद सिख थी.

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