साम्यवाद की बात करने वाला चीन खुलेआम लटकाने जा रहा 10 लोगों को फांसी…. चीन समर्थक गांधीवादी भी दे रहे मूक सहमती

चीन में मौत की सजा का मसला गोपनीयता से भरा है। यहां अब भी हर साल हजारों लोगों को फांसी की सजा दी जाती है। पिछले कुछ सालों के दौरान इसमें कमी जरूर आयी है लेकिन पूरी दुनिया के मुकाबले यह अब भी अधिक है। दुनिया भर के देशों में कुल मिलाकर जितने लोगों को मौत की सजा दी गई, अकेले चीन में ही उससे ज्यादा को मौत की सजा दी गई। एमनेस्टी की रिपोर्ट के मुताबिक वहां हर साल हजारों लोगों को मौत की सजा सुनाई और दी जाती है।

लेकिन ठीक संख्या सरकार जाहिर नहीं होने देती इसलिए सही संख्या का पता लगाना मुमकिन नहीं।

आपको बता दे कि चीन में सरेआम 10 लोगों को फांसी देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें भी खास बात यह है कि इस फांसी को देखने के लिए लोगों को आमंत्रण दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूरा मामला गुआंगडोंग प्रांत का है जहां कोर्ट के आदेश के ठीक बाद सभी दोषियों को फांसी दी गई।
सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक गुआंगडोंग में 12 आरोपियों पर पब्लिक ट्रायल चलाया गया।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद 10 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई। घटना से चार दिन पहले, स्थानीय निवासियों को सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक नोटिस में सजा में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया गया था।
आरोपियों को पुलिस के ट्रकों के पीछे स्टेडियम में लाया गया। हर आरोपी के साथ चार पुलिसवाले मौजूद थे। उन्हें एक स्टेडियम में ले जाया गया जहां हजारों की संख्या में लोग सजा देखने आए थे।

स्कूली छात्र भी इस पब्लिक ट्रायल को देखने आए थे। फैसले के थोड़ी ही देर बाद उन्हें फांसी पर लटका दिया।
स्टेडियम में मौजूद कई लोगों ने इस घटना को अपने कैमरे में भी कैद किया जिसके बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है। चीन में हर साल दुनिया के बाकी हिस्सों के मुकाबले अधिक लोगों को फांसी की सजा दी जाती है।

हालांकि इसका सटीक आंकड़ा कभी प्रकाशित नहीं किया जाता है।एक एनजीओ के मुताबिक, पिछले साल चीन में लगभग 2000 लोगों को मौत की सजा दी गई। चीन में गैर-हिंसक अपराधों जैसे नशीली दवाओं की तस्करी और आर्थिक अपराधों के लिए भी मौत की सजा है।

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