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साढ़े 6 करोड़ मुसलमान शरणार्थी बन कर अपना देश छोड़ कर दूसरे देशों में मांग रहे हैं पनाह, यानी घुसने की परमिशन

संयुक्त राष्ट्र में बढ़ गई मुसलमान शरणार्थी की संख्या। सयुंक्त राष्ट्र की वार्षिक रिपोर्ट में साल 2016 में शरणार्थियों की अनुमानित संख्या साल 2015 के मुक़ाबले तीन लाख ज़्यादा है। हालांकि, साल 2014-15 के आंकड़ों के मुकाबले ये आंकड़ा कम है। 2014 से 2015 में इस संख्या में पांच लाख की बढ़त थी। 
रिपोर्ट में कहा है कि विश्व में अब भी छह करोड़ से अधिक ऐसे लोग हैं जो शरणार्थी का जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि विश्व में शांति बहुत कम है। आप पुराने संघर्षों को देखेंगे और नए संघर्षों को सामने दिखाई देंगे। ये दोनों ही लोगों को शरणार्थी की श्रेणी में लाते हैं। यही समस्या लोगों को घर छोडऩे के लिए मजबूर करती है। 
बता दें कि साल 2016 में दक्षिणी सूडान में हिंसा भड़कने के बाद कुछ तीन लाख चालीस हज़ार लोग पड़ोसी देश युगांडा में चले आए थे। ये किसी भी देश से बेघर होने वाले लोगों की संख्या से कहीं ज्यादा थी। सीरिया से भागने वालों की संख्या भी दो लाख थी। इसके साथ ही साढ़े 6 करोड़ मुसलमान शरणार्थी बन कर अपना देश छोड़ कर दूसरे देशों में पनाह मांग रहे हैं। 
   
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