इस्लामिक आतंक के बाद अब ट्रंप ने लिया दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खतरे का नाम.. एक देश की नहीं पूरी विचारधारा पर वार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड शायद दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो खुलकर इस बात का एलान करते हैं कि वह इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. जब दुनिया में इस बात पर बहस हो रही है कि आतंक को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए क्योंकि आतंक का कोई धर्म नहीं होता. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एलान करते हैं कि उनकी लड़ाई इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो डोनाल्ड ट्रंप ने आतंक का धर्म बताने की कोशिश की है.

22 सितंबर को अमेरिका के टेक्सस के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम में भी कहा कि वह भारत के साथ मिलकर इस्लामिक आतंकवाद का खात्मा करेंगे. इस्लामिक आतंक के खिलाफ ट्रंप हमेशा से मुखर रहे हैं, ये पूरी दुनिया जानती है लेकिन अब ट्रंप ने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खतरे का नाम लिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामिक आतंकवाद के बाद दूसरा सबसे बड़ा खतरा चीन तथा उसकी वामपंथी विचारधारा को बताया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह वामपंथी राष्ट्र दुनिया के लिए एक खतरा है. साथ ही उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों पर अमेरिका की बौद्धिक संपदा चोरी करने से चीन को नहीं रोकने का भी दोष मढ़ा जिसके जरिए चीन ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया. बता दें कि चीन ने सेना पर होने वाले खर्च को सात प्रतिशत बढ़ा कर 152 अरब डॉलर कर लिया है और उसका लक्ष्य विवादित दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के बढ़ते दबाव से निपटना है.

मीडिया से बात करते राष्ट्रपति ट्रंप ने  कहा कि निश्चित तौर पर चीन दुनिया के लिए इस मायने में खतरा है कि वे किसी की भी तुलना में बहुत तेजी से अपनी सेना बना रहे हैं और सच कहूं तो वे अमेरिकी पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनसे पहले के अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने चीन को हर साल 500 अरब डॉलर या उससे ज्यादा की राशि लेने की इजाजत दी. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन को हमारी बौद्धिक संपदा एवं संपत्ति अधिकारियों को चुराने की इजाजत दी और मैं ऐसा नहीं करने वाला हूं.

इस साल की शुरुआत में चीन के साथ व्यापार सौदे के अचानक समाप्त हो जाने का संदर्भ देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हमने बहुत करीब से काम किया, बौद्धिक संपदा से लेकर हर मुश्किल चीज पर चर्चा की गई और आखिरी क्षण में उन्होंने कहा कि वे इस पर सहमत नहीं हैं. ट्रंप ने कहा कि वामपंथी देश चीन दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन गया है, जिसको रोकना जरूरी है.

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