धर्मयुद्ध की शुरुआत के दावे पर एक और मुहर.. अमेरिकी ईसाई ड्राइवर ने मुसलमान समझकर भीड़ को रौंदा.. बोला- “नफरत है इन से”

सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके ने अपने बिंदास बोल में ईसाई तथा मुस्लिमों के बीच जिस धर्मयुद्ध की ओर न सिर्फ अपने दर्शकों बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कराया था, उस पर एक बार फिर से मुहर लगती हुई दिखाई दी है. मामला दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका का है जहाँ एक अमेरिकी ईसाई नागरिक ने भीड़ को इसलिए गाड़ी से रौंद दिया, क्योंकि उसे लगता था कि ये भीड़ मुस्लिमों की है.

खबर के मुताबिक़, घटना मंगलवार को अमेरिका के कैलिफोर्निया में मगलवार को घटित हुई जब एक ड्राइवर ने भीड़ पर गाड़ी चढ़ा दी थी. अमेरिकी पुलिस ने दावा किया है कि ड्राइवर ने जानबूझ कर ऐसा किया. गाड़ी चला रहे व्यक्ति को लगा कि भीड़ में कुछ मुसलमान हैं और नफरत में उसने भीड़ पर गाड़ी दौड़ा दी. अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को के पास सनीवेल की पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि चालक की पहचान 34 साल इसाइहा पिओपल्स के तौर पर हुई है. उसने मुस्लिम परिवार को कथित रूप से उनके हुलिए के आधार पर निशाना बनाया,जिसके  आधार पर उसे लगा कि ये परिवार मुस्लिम है.

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हुई इस घटना में आठ लोग घायल हुए थे, जिसमें से तीन एक ही परिवार के सदस्य हैं. जिनमें एक पिता, उसका बेटा और बेटी हैं. हालांकि इस परिवार की नागरिकता और धर्म को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है. पुलिस पूंछताछ में इसाइहा पिओपल्स ने कहा कि उसे मुस्लिमों से नफरत है और जब उसे लगा कि भीड़ में शामिल लोग मुस्लिम हैं, तो उसने भीड़ को गाड़ी से रौंद दिया.

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