इजराइल के साथ खड़ी हो रही दुनिया… एक और देश पत्थरबाज फिलिस्तीनियों के सीने पर खोलेगा दूतावास

एक कहावत है कि दुनिया ताकत को शीश नवाती है अर्थात अगर आप साहसी हो, बलशाली हो न सिर्फ आपका सम्मान होगा बल्कि आपका गुणगान भी होगा तथा बड़ी से बड़ी शक्ति आपकी ताकत के आगे झुकेगी. ये कहावत दुनिया के एक छोटे से लेकिन ताकतवर मुल्क इजराइल पर बिल्कुल सटीक बैठती है. कहने को तो इजराइल एक छोटा सा मुल्क है तथा तथा चारौ तरफ से अपने दुश्मन मुल्कों से घिरा हुआ है लेकिन इसके बाद भी इजराइल की ओर कोई आँख उठाकर भी नहीं देखता क्योंकि इजराइल आपने भुजबल पर भरोसा करता है तथा उसका देश की सुरक्षा के लिए उपयोग भी करता है और इजराइल के इन्हीं भुजदंदों के आगे दुनिया झुकती है.

इजराइल की इसा ताकत का लोहा अब ऑस्ट्रेलिया ने भी माना है जो अपना दूतावास जेरुसलम में खोलने वाला है. ऑस्‍ट्रेलिया भी अमेरिका की तर्ज पर इजरायल स्थित दूतावास को जेरूशलम स्‍थानांतरित करने पर विचार कर रहा है. ऑस्‍ट्रेलिया के पीएम स्‍कॉट मॉरीसन ने विदेश मंत्री मैरिस पायेन के साथ एक मीडिया कॉन्‍फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी. मॉरीसन ने कहा कि वह इस बात पर खुले दिमाग से विचार कर रहे हैं कि दूतावास को तेल अवीव से जेरूशलम लाना चाहिए. मॉरीसन के मुताबिक अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के इस पवित्र शहर को मान्‍यता देने की तर्ज पर ही वह भी ऐसा करने का विचार कर रहे हैं. माना जा रहा है कि मॉरीसन अगले कुछ दिनों में जेरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्‍यता देने के अपने फैसले का ऐलान कर सकते हैं.

मॉरीसन ने मीडिया से कहा कि ऑस्‍ट्रेलिया, इजरायल और फिलीस्‍तीन के बीच जारी दो देशों की समस्‍या का हल निकालने को लेकर प्रतिबद्ध है। ऑस्‍ट्रेलिया की ओर से नीतिगत बदलाव के तहत दूतावास को जेरूशलम लाने पर विचार किया जा रहा है. बता दें कि जेरुसलम को फिलिस्तीन अपना हिस्सा मानता है लेकिन इजराइल जेरुसलम को अपनी राजधानी घोषित कर चुका है. आपको बता दें कि अमेरिका, ग्वाटेमाला और पराग्वे, जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दे चुके हैं. अब ऑस्ट्रेलिया इनके नक्शेकदम पर चल पड़ा है.

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