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इस बार धोखा खा गया अमेरिका जैसा देश भी.. इधर तालिबान में बुलाया शांतिवार्ता के लिए उधर हो गया कुछ और ही ..जबकि उन्होंने कहा था कि वो सुधर गये हैं ..


जो अमेरिका जैसे देशो को भी एक बार अपनी चला में फंसा सकते हैं उनके लिए बाकी आम जनमानस में जहर घोलना कितना आसान होगा ये सोचना बेहद जरूरी है आतंकवाद के खतरे को टालने के लिए.. खुद को महाशक्ति बनता अमेरिका इनकी चाल में ऐसे फंस जाएगा ये किसी ने सोचा भी नहीं था लेकिन ऐसा हुआ है . इस समय अपनी बिखरती ताकत को समेटने के लिए आपेक्षित समय के लिए तालिबान ने अमेरिका के पास संधि प्रस्ताव भेजा था जिसको अमेरिका ने उनकी शांति समझ ली .

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इधर तालिबान अमेरिकी अधिकारियो से वार्ता करने के लिए अपनी अलग से टीम बनाने की बात कर रहा था उधर इस्लामिक मुल्क अमेरिका पर दबाव बनाने लगे कि वो अफगानिस्तान से अपनी फौजों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दे क्यों उनके हिसाब से अनंत लाशें बिछा हुके तालिबान अब सुधर गये थे.. पर जो कुछ भी हुआ वो साबित करता है कि तालिबान न तो सुधरा है और शायद आगे सुधर भी नहीं पायेगा . यद्दपि अमेरिका ने अपनी फौजों को स्थाई रूप से हटाने से साफ साफ मना कर दिया था .

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विदित हो कि सुधरा हुआ दिखाने की कोशिश कर रहे तालिबान ने अफगानिस्तान में एक और आतंकी हमला किया है जिसमे लगभग 16 लोग फ़ौरन मारे गये हैं और कई अन्य घायल हो गये हैं . घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक है जिसके बाद मृतको की संख्या में और बढ़ोत्तरी की सम्भावना जताई जा रही है. हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी विशेष दूत ज़लमय खलीलजाद तालिबान के साथ बातचीत के लिए अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे हैं.

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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार देर रात छोटे हथियारों से गोलीबारी की आवाजों के बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है जबकि 100 से अधिक लोग घायल हैं।यह हमला ऐसे स्थान पर हुआ है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालय हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी के मुताबिक यह धमाका ग्रीन विलेज के करीब हुआ। यह एक बड़ा परिसर है जहां राहत सहायता एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालय बने हैं.

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