सेना पार भी कर सकती है LOC .. एक और बयान पाकिस्तानी छाती पर हथौड़े की तरह

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद आतंकी मुल्क पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. इसके बाद से पाकिस्तान न सिर्फ भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी कर रहा है बल्कि सीमा पर घुसपैठ की कोशिश में लगा हुआ है. इसके लिए पाकिस्तान इस्लामिक आतंकियों का सहारा ले रहा है. हाल ही में ये खबर भी सामने आई थी कि पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक के दौरान भारतीय वायुसेना इन इस्लामिक आतंकी कैंपों को नष्ट किया था, वहां पर पाकिस्तान ने फिर से आतंकी कैंप बनवा दिए हैं. इसके बाद भारतीय सेना अलर्ट हो गई है.

पाकिस्तान के बालाकोट में अपने आतंकी कैंपों को फिर से ऐक्टिव करने की खबरों के बीच आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने ऐसा बयान दिया है जो पाकिस्तानी छाती पर हथौड़े की तरह है. आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने कहा है कि भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि वह पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के माहौल का दुरुपयोग नहीं करने देगा. जनरल विपिन रावत ने पाकिस्तान को साफ़ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमें एलओसी पार करनी पड़ी तो करेंगे.

खुफिया जानकारी के अनुसार, भारत में 250, 300 या 500 आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं. आर्मी चीफ ने कहा कि दोनों स्ट्राइक ने यह संदेश दिया गया है कि एलओसी पार नहीं किया जाएगा. ऐसा तबतक किया जाएगा जबतक कि दूसरी तरफ शांति है और माहौल को बिगाड़ने का प्रयास नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकियों को नियंत्रित करने का काम करता है, जो उसके प्रॉक्सी की तरह काम करते हैं. ज्यादा समय तक यह  लुकाछिपी का खेल नहीं चलने वाला, यदि हमें सीमा पार जाने की जरूरत महसूस हुई तो हम जाएंगे, चाहे हवाई मार्ग से जाना पड़े या थल मार्ग से.

जनरल रावत ने कहा कि रेड लाइन बहुत स्पष्ट तरीके से खींची हुई है, जो कि आगे की कार्रवाई को तय करने का काम करेगा. आगे उन्होंने कहा कि 5 अगस्त के बाद घुसपैठ के प्रयास में बढोतरी हुई है. घाटी में आतंकी संगठनों पर लगाम लगाया जा चुका है जिसके बाद यहां पाकिस्तान फिर से हिंसा पैदा करने की कोशिश में लगा हुआ है. वह युवाओं को भड़काने के लिए कुछ लोगों को सीमा पार भेजने को बेचैन है. लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं. कोई भी आतंकी हमारी सीमा में नहीं घुस पाए और हम संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.

पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियार की धमकी को लेकर आर्मी चीफ ने कहा कि परमाणु हथियार निवारण का हथियार है जो युद्ध में लड़ने वाले हथियार में शामिल नहीं है. मुझे एक बात समझ नहीं आती कि कोई यह दावा कैसे कर सकता है कि वह इसका इस्तेमाल पारंपरिक युद्ध में करेगा, या उस पर हमले की स्थिति में करेगा. क्या कभी विश्व समुदाय आपको इस तरह से परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने देगा ?

आर्मी चीफ जनरल रावत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में व्यापक स्तर पर लोगों को यह समझने की जरूरत है कि जो हो रहा है, वह सही के लिए है. निश्चित रूप से एक धड़ा यह प्रॉपेगैंडा फैलाने में लगा हुआ है कि कश्मीरियों के अधिकार छीने जा रहे हैं. अगर लोग इसका सही से विश्लेषण करेंगे तो इसके गुण-दोष को समझ पाएंगे. वे यह समझेंगे कि उन्हें ज्यादा मिला है और मुश्किल से ही कुछ खोना पड़ा है. वे अभी भी कश्मीरी हैं, वे अभी भी जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं. वे देश के दूसरे हिस्से में आ सकते हैं और वह कर सकते हैं जो वे कर रहे हैं. कश्मीरी छात्र देश के दूसरे हिस्से में पढ़ रहे हैं. उन्हें घूमने की आजादी है. उसी तरह, देश के दूसरे हिस्से के लोगों को कश्मीर में ऐसी ही आजादी क्यों न मिले?

उन्होंने कहा कि कश्मीर सिर्फ घाटी नहीं है. घाटी के बाहर भी लोग हैं. राज्य का बहुत छोटा हिस्सा प्रभावित हुआ है. जो उन्होंने पिछले 30 सालों से देखा है, उसके बाद उन्हें शांति के लिए एक मौका देना चाहिए. लोग कहते हैं कि स्थिति बदतर हो गई है. क्या उन्हें लगता है कि पिछले 30 सालों में स्थिति अच्छी थी? मुझे लगता है कि पिछले 30 सालों में स्थिति बदतर थी और पिछले दो महीने अच्छे बीते हैं. प्रतिबंधों पर उन्होंने कहा कि प्रतिबंधो का क्या मतलब है? क्या किसी को उनके घरों में रहने को कहा गया है? क्या किसी बच्चे को स्कूल जाने से रोका गया है? क्या स्कूल बंद हैं? क्या सुरक्षाबल गोलियां बरसा रहे हैं? जैसा कि मैं कहता आया हूं, लोग बाहर आ रहे हैं और अपने बागानों में काम कर रहे हैं.

कश्मीर में लोगों की गिरफ्तारी पर जनरल रावत ने कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.  धारा 144 का उल्लंघन करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. वे माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और सरकार की कोशिश को बाधित करने में लगे हैं. वास्तव में, प्रतिबंध दूसरी तरफ से लागू किए जा रहे हैं न कि सुरक्षा बलों द्वारा. सुरक्षा बल सिर्फ यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग बाहर आकर आगजनी न करें, लूटपाट न करें और न हिंसा करें. हिरासत में लिए गए कई लोगों को पुलिस की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है. सिर्फ वही लोग  अरेस्ट हैं जो माहौल खराब करना चाहते हैं.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करें. नीचे लिंक पर जाऐं–


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW

Share