जिसे शिक्षक कहते थे वो था आतंक का शिक्षक.. सेकुलर श्रीलंका के विश्वास का ऐसे उठाया गया नाज़ायज़ फायदा

पिछले महीने ईसाईयों के त्यौहार ईस्टर पर श्रीलंका के चर्चों तथा होटलों पर इस्लामिक आतंकियों द्वारा किये गये भीषणतम सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आतंकियों की धरपकड़ अभी भी जारी है. इन आतंकी हमलों से संबंध में ऐसे ऐसे लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके ऊपर श्रीलंका के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी थी.

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मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़, श्रीलंकाई पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को उन्होंने स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी समूह नेशनल तौहिद जमात (एनटीजे) से कथित संबंधों के लिए एक स्कूल प्रिंसिपल और एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है. श्रीलंकाई सरकार के अनुसार नेशनल तौहिद जमात (एनटीजे) ही वो इस्लामिक संगठन है, जिसने ईस्टर पर बम धमाकों को अंजाम दिया था. पुलिस ने बताया कि गुरुवार को होरोवपटाना शहर से अतवीरावेवा में एक स्कूल से 56 वर्षीय प्रिंसिपल और 47 वर्षीय शिक्षक को गिरफ्तार किया.

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उन्होंने कहा कि होरोवपटाना में स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तारी की है। कोलंबो पेज के मुताबिक संदिग्धों की पहचान नूर मोहम्मद अडू उल और अजिबुल जबार के रूप में की गई है, जो कि होरोवपटाना के कपुगोलेवा के रहनेवाले हैं. पुलिस को जानकारी मिली है कि उनका एनटीजे और नेता मोहम्मद साहरन हाशिम से सीधा संबंध है, जिन्होंने 21 अप्रैल को कोलंबो के शांगरी-ला होटल पर आत्मघाती हमला किया था.

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