आतंक का धर्म नहीं पर चर्च में हुआ ब्लास्ट… फिलीपींस में गिरी 27 ईसाइयों की लाशें

आखिर वो कौन सी सोच है जिसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ निर्दोष लोगों की जान लेना होता है, खून बहाना होता है? आखिर वो कौन सी सोच है जो कभी तालिबान, अलकायदा, हिजबुल बनकर कत्लेआम मचाती है तो कभी ISIS तथा जैश-ए-मोहम्मद बनकर? आखिर ये सोच कहाँ से पैदा होती है जिसे इंसानों की जान लेने में आनंद आता है? ये सोच कभी हिंदुस्तान, कभी अफगानिस्तान, कभी सीरिया, कभी ब्रिटेन, कभी जर्मनी, कभी फ़्रांस तो कभी अमेरिका को बम विस्फोटों से दहला देती है तथा निर्दोष बच्चों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं को मौत के घाट उतार देती है.

इसी क्रूरतम व मानवता की हत्यारी सोच का शिकार फिलीपींस हुआ है जहाँ के एक चर्च के बाहर रविवार को हुए दो बम धमाकों में 27 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 77 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं. पहला धमाका रोमन कैथोलिक कैथेड्रल के अंदर और दूसरा बाहर हुआ. इससे सड़क पर शव बिखरे नजर आए, आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है. इस्लामिक आतंकी संगठन ISIS ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, पहला धमाका चर्च के अंदर हुआ. इसके बाद आसपास भगदड़ मच गई. जैसे ही सैनिक चर्च के पास पहुंचे, ठीक उसी वक्त बाहर परिसर में भी धमाका हो गया. रविवार को मास प्रेयर के कारण आम दिनों की तुलना में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे. बताया गया है कि मृतकों में 7 सुरक्षाकर्मी तथा 20 आम नागरिक है.

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि दूसरा धमाका तब हुआ जब पुलिस अधिकारी पहले धमाके के बाद मौके पर पहुंचे थे. फिलीपींस के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख ऑस्कर अलबयाल्दे ने बताया कि मृतकों में सैनिक और नागरिक दोनों शामिल हैं. गंभीर घायलों को विमान से नजदीक के जमबोआंगा सिटी ले जाया गया है. इन बम धमाकों के बाद रक्षा सचिव डेल्फिन लोरेंजाना ने अलर्ट जारी किया गया है. सभी धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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