Breaking News:

एक अन्य हिंदू संत को यौन शोषण में बदनाम करने की साजिश हुई ध्वस्त.. ऑस्ट्रेलिया की अदालत से बरी हुए आनंद गिरी जी

कहते हैं कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, कुछ समय के लिए बदनाम किया जा सकता है लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता. ऑस्ट्रेलिया में प्रख्यात योगगुरु स्वामी आनंद गिरी जी के साथ भी यही हुआ जब उन पर यौन शोषण के आरोप लगाये गये तथा उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई/ लेकिन चूँकि स्वामी आनंद गिरी जी सत्य पथ के अनुयायी तो उनके बदनाम करने की साजिशें विफल हो गईं.

खबर के मुताबिक़, ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं से यौन शोषण के आरोप लगने के बाद 4 महीने ऑस्ट्रेलिया की जेल में रहने के बाद स्वामी आनंद गिरि जी डनी की कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया गया है. अदालत ने योग गुरू का पासपोर्ट तत्काल रिलीज करने और भारत जाने की अनुमति दे दी है. आनंद गिरी के गुरू और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि आनंद गिरि को सिडनी की अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया है. सत्य की आखिरकार जीत हो गई है, अब वह भारत वापस आ सकेंगे.

बता दें कि विश्व प्रसिद्ध संगत तट के बड़े हनुमान जी मंदिर के व्यवस्थापक व अंतरराष्ट्रीय योग गुरु आनंद गिरि कई देशों में योग प्रशिक्षण देने के लिए जाया करते हैं. जून में वह आस्ट्रेलिया गए हुए थे और सिडनी शहर में योग प्रशिक्षण के लिए एक शिविर में मौजूद थे. भारतीय समयानुसार 4 जून की देर रात उन्हें सिडनी स्थित ओक्सले पार्क के वेस्टर्न सबअर्ब से गिरफ्तार किया गया. यह वही जगह है जहां आध्यात्मिक शिविर में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने दो महिला ऑस्ट्रेलियन नागरिकों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया था और उन्हें गलत तरीके से छुआ था, उनके साथ मारपीट भी की.

ऑस्ट्रेलियन मीडिया की खबरों के अनुसार, जनवरी 2016 में आनंद गिरी के एक शिष्य परिवार जो रूटी हिल इलाके में रहता है, ने आनंद गिरी को नए साल के मौके पर आनंद गिरी को बुलाया था. इस परिवार के घर में हिंदू धर्म की धार्मिक क्रिया के अनुसार पूजा पाठ आदि कराना था, जिसके लिये आनंद गिरी वहां गये हुये थे और विशेष पूजा व प्रार्थना में शामिल हुये. इस दौरान आनंद गिरी ने सोशल साइट पर अपनी फोटो भी शेयर की थी और बताया था कि वह सिडनी में एक धार्मिक कार्यक्रम के लिये आये हुये हैं.

आरोप है कि यहां 29 साल की एक महिला को आनंद गिरी से गलत ढंगा से छुआ जो अमर्यादित था। साथ ही महिला के विरोध कररने पर आनंद गिरी ने महिला के साथ मारपीट भी की थी. वहीं, एक दूसरी घटना की रिपोर्ट 34 वर्षीय महिला ने दर्ज करायी जिसने योग गुरू पर आरोप लगाया था कि नवंबर 2018 में घर के बरामदें में आनंद गिरी ने उसे गलत ढंग से छुआ और अमर्यादित व्यवहार किया. अब ऑस्ट्रेलियाई अदालत ने उनको बाइज्जत बरी कर दिया है तथा उन्हें भारत जाने की इजाजत दे दी है.

इस पर आनंद गिरी के गुरू व अखिल भारतीय अखाड़ा परिष्द के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि सिडनी कोर्ट से आनंद को बाइज्जत रिहा कर दिया गया है. सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं हो सकता. सत्य की जीत हुई है. आनंद जल्द ही भारत लौट आयेंगे. उन पर लगे आरोप निराधार थे और कोर्ट ने उसे देखते हुए ही उन्हें बरी कर दिया है. महंत नरेंद्र गिरि ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने कोर्ट को दी गई अपनी रिपोर्ट में बताया कि आनंद गिरि के खिलाफ आरोप मनगढ़ंत तरीके से लगाए थे.  महिलाओं ने आरोप पहले ही वापस ले लिए थे। कोर्ट ने इसी आधार पर महंत आनंद गिरि को आरोप से बरी कर दिया. साथ ही उनका पासपोर्ट तत्काल रिलीज करने का आदेश दिया और भारत जाने की अनुमति दे दी है.

Share This Post