तीन साल की मासूम में ऐसी दहशत समाई इस्लामिक आतंकी की कि काला झंडा देखकर निकल जाती चीख…


आतंक का एक चेहरा जो खुद को इस्लाम परसत कहता है। आतंक की करतूत जो हर दिन इंसानियत को कुचलता है। आतंक का नाम आईएसआईएस जिसके चगुल में कोई फंस जाए तो अपने बजूद तक पर उसे शक हो जाता है। इनके साथ कोई पल भर वक्त बिता ले तो पूरा जीवन खौफ में कटता है, और वो तो वैसे भी जीते जी 3 साल इसमें काट कर आयी है।

ये किस्सा है 8 साल की लड़की का जो 5 साल की उम्र में आईएसआईएस के दरिंदो के हाथ लग गयी और उसे अगवा कर लिया इंसानियत के दुश्मनो ने। 5 साल की उम्र मे अगवा की गई लड़की 3 साल बाद छूट पायी है दरिंदो के चुंगल से। 3 साल गुलामी का नरक झेलने के बाद अब भी वो लड़की काले कपड़े से खौफ खाती है। आईएसआईएस के हैवानियत के मंजर का अंदाजा आप इसी से लगा सकते है। एक निजी पत्रिका के मुताबिक 2014 में तकरीबन 9900 यजीदी मारे गए या गुलाम बना दिए गए।

इनमें से 3100 को गोली मारी गई या जिंदा जला दिया गया। बहुत से लोगों को सेक्स स्लेव बना लिया गया। ये बच्ची उन्ही में से एक थी। आईएसआईएस ने इन्हें जमकर निशाना बनाया और इनके खिलाफ इस खूंखार आतंकी संगठन की दरिंदगी के किस्से रूह कंपाने वाले हैं। बताया जा रहा की बच्ची अब भी खौफ में है।

वो बाजारों में लगे लड़कियों-महिलाओं के पुतले देख वो हैरान थी, क्योंकि उसने सिर्फ ढंके हुए चेहरे देखे है। उसकी ख्वाहिश थी कि वो खुद के लिए रंगीन कपड़े खरीदे क्योंकि उसने अब तक सिर्फ काला लिबास पहना था। हालांकि, अब भी वो अपना चेहरा ढककर रखती है, क्योंकि उसे लगता है कि आईएसआईएस वाले कभी भी लौट सकते हैं और उसे उठा कर ले जा सकते है। खौफ का वो कैसा मंजर होगा जो एक मासूम बच्चे को रंगों से डरना सीखा दिया।


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