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रमजान में दुबई इसलिए जा रहे ताकि वहां मांग सकें भीख.. भारत की छबि के खिलाफ दुनियाभर में साजिशों का दौर

देश में मोदी सरकार आने के बाद कुछ अराजक ताकतों द्वारा तमाम ऐसे एजेंडे चलाने के नापाक प्रयास किये गये, जिससे दुनियाभर में भारत की छबि ख़राब हो सके, उभरते हुए नए भारत को सवालों के घेरे में खड़ा किया जा सके. इन अराजक ताकतों का ऐसा ही एक एजेंडा था कि देश में मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है तथा केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेंडे के तहत काम रही है लेकिन भारत की छबि धूमिल करने के ये तमाम प्रयास लगातार जारी रहे.

ऐसा ही एक मामला दुबई से सामने आया है जिससे भारत की छबि पर कहीं न कहीं धब्बा जरूर लगता हुआ दिखाई दे रहा है. मीडिया स्सोत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़, दुबई पुलिस ने एक दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि एशियाई देशों के कई ऐसे भिखारियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ट्रैवल वीजा पर एक महीने के लिए यहां आए हैं. उन्होंने संकेत दिया कि इन एशियाई देशों में भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के लोग शामिल हैं.

खलीज टाइम्स और गल्फ न्यूज में छपी खबर के अनुसार, दुबई पुलिस के पुलिस कमिश्नर ने जब प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर पूरी जानकारी दी तो पत्रकार भी हैरान रह गए. उन्होंने बताया कि इस महीने में 250 से ऊपर भिखारी पकड़े जा चुके हैं. ये सुनियोजित तरीके से एशियाई देशों खासकर भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भेजे जाते हैं. उन्हें भेजने में ट्रेवल कंपनियां मदद करती हैं. इन भिखारियों को ट्रेवल वीजा पर भेजा जाता है. वो करीब महीने भर यहां रहते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं. लेकिन जब वो लौटते हैं तो अच्छी खासी कमाई कर चुके होते हैं.

पिछले साल केवल दुबई में 243 ऐसे भिखारी पकड़े गए थे, जो विजिटर वीजा लेकर यहां आए थे. यहां की पुलिस का कहना है कि पिछळे कुछ सालों में जिस तरह अचानक इन दौरान भिखारियों की भीड़ यहां बढ़ती है, वो हर किसी अचरज में डालने वाली होती है. बड़े पैमाने पर ऐसे भिखारी नजर आने लगते हैं, जो पहले नहीं दिखते. ये वहां के बाजारों में मंडराते रहते हैं. दुबई पुलिस ने एक ऐसा भिखारी भी पकड़ा, जिसके पास एक लाख दिरहाम यानी 18 लाख रुपए मिले, जो उसने भीख से जुटाए थे.

बताया जाता है कि एशियाई देशों में एक गैंग जो रमजान के पहले भिखारियों को खाड़ी के देशों में भेजने के लिए सक्रिय हो जाता है. इसका जाल काफी फैला हुआ है. ये काम आमतौर पर ट्रेवल कंपनियों से जुड़े लोग करते हैं. जो पहले से ही भिखारियों या इस काम के इच्छुक लोगों का वीजा तैयार कर लेते हैं. इसके बदले इन्हें कमीशन और कमाई गई रकम से हिस्सा देना होता है. ऐसी ट्रेवल कंपनियां भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान में ज्यादा व्यापक पैमाने पर काम करती हैं. दुबई पुलिस का कहना है कि उन्हें शक है कि इसके पीछे किसी रैकेट का हाथ है, जो खाड़ी के देशों में इन भिखारियों के रहने का इंतजाम भी करता है.

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