15 नवम्बर से रोहिंग्या वो वापस म्यंमार भेजेगा इस्लामिक मुल्क बंगलादेश, जबकि भारत मे पड़ रही है तारीख पे तारीख

न संयुक्त राष्ट्र की फिक्र और न ही अंतराष्ट्रीय दबाव का असर ..आखिरकार रोहिंग्या के किसी भी दलील का कोई भी असर नही पड़ा रोहिंग्या के नाम पर सबसे ज्यादा अंतराष्ट्रीय मदद लेने वाले बंगलादेश को और उसने निर्धारित कर दी है बौद्धों से जंग में हार कर भागे रोहिग्या की वापसी की तारीख ..उधर म्यंमार की फौज व बौद्धों के तेवर ज्यो के त्यों हैं लेकिन इस बार बंगलादेश टस से मस होने को तैयार नही है और साफ सन्देश दे दिया कि रोहिंग्या को वापस जाना ही होगा ..

ज्ञात हो कि बंगलादेश ने इसी 15 नवम्बर से रोहिंग्या को वापस म्यंमार भेजने का अटल फैसला ले ही लिया है . इस बीच मे कुछ तथाकथित सेकुलर न मानवाधिकार संस्थाओं ने रोहिग्या को अभी म्यंमार में सुरक्षित नही बताया था लेकिन बंगलादेश का साफ साफ कहना है कि वो अब और ज्यादा बोझ सहने को किसी भी हाल में नही तैयार है और रोहिंग्या को भी जल्द से जल्द वापसी की तैयारी अपनी खुद की ही सुरक्षा की गारंटी पर कर लेने के बाकायदा निर्देश दे चुका है ..

इधर भारत मे रोहिंग्या बन चुके हैं राजनीति का हिस्सा, खास कर वो राजनीति जो आने वाले 2019 में देश का भविष्य व दिशा दशा तय करने वाली है..इतना ही नहीं, रोहिंग्या के द्वारा कई अपराध भी किये गए हैं लेकिन भारतीय प्रशासन व शासन मौन है ..भारत की अदालतों में भी मुकदमे चल रहे हैं और उस पर तारीखें मिल रही हैं सिर्फ ये बताने के लिए की बौद्धों के जिन हत्यारो को सुरक्षाव खुफिया एजेंसियां देश के लिए खतरा मान रही हैं वो देश से वायस अपने देश कब जायेगे और जायेगे भी या नहीं ?

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