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ट्रंप ने कंसास फायरिंग की निंदा की, कहा- घृणा के खिलाफ एकजुट है अमेरिका

वाशिंगटन : भारतीय इंजीनियर की मौत के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीयों का गुस्सा फूट पड़ा है। सभी अमेरिकी भारतीय ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर भी उतर आए हैं। जिसका असर आज अमेरिकी संसद में भी देखने को मिला। ट्रंप ने भारतीय मौत पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अमेरिका ऐसा देश है जो हमेशा एकता के साथ नफरत और बुराई की निंदा करता है।

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि आज मैं जो भी बोल रहा हूं वो अपने दिल से बोल रहा हूं और वो एकता और ताकत का संदेश देने आए हैं। ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यहूदी सामुदायिक केंद्रों को निशाना बनाकर हाल में दी गई धमकियां और यहूदी कब्रिस्तानों में तोड़ फोड़ की घटना के अलावा कंसास शहर में पिछले सप्ताह हुई गोलीबारी हमें याद दिलाती हैं कि हमारा देश नीतियों के मामले में भले ही बंटा हुआ हो लेकिन हमारा देश घृणा एवं बुराई के सभी रूपों की निंदा के लिए एकजुट होकर खड़ा है।

ट्रंप ने इस घटना की निंदा करने की कई भारतीय अमेरिकी संगठनों एवं सांसदों की अपील पर ध्यान देते हुए अमेरिकी कांग्रेस में अपने पहले संबोधन में कंसास का जिक्र किया। वहीं, ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस में कहा कि उनकी सरकार इमीग्रेशन नियमों को सख्ती के साथ लागू करेगी। ट्रंप ने कहा कि बेहतर इमीग्रेशन नीति वही है जो नौकरी, सुरक्षा, और कानून के पालन को ध्यान में रखते हुए लागू की जाए। ट्रंप के मुताबिक इमीग्रेशन कानून का कड़ाई से पालन कराने के लिए उनकी सरकार सैलरी में इजाफा करेगी, बेरोजगारों की मदद करेगी।

इससे अमेरिका को कई बिलियन डॉलर की बचत के साथ-साथ सब के लिए सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है। ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी अमेरिका को जीतते हुए देखना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि जीत के लिए जरूरी है कि देश में किसी तरह की अवैध अराजतका का माहौल न रहे। ऐसे में ट्रंप पर सवाल उठ रहे हैं कि अगर वो शांति का संदेश देने आए हैं तो क्यों उनके देश में एक भारतीय को खुलेआम गोली से मार दिया गया और इसके बाद कई दिनों तक ट्रंप इस मामले पर चुप क्यों रहे। क्या वो इंतजार कर रहे थे कब अमेरिकी भारतीयों का गुस्सा फूटे।

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