श्रीलंका पहुचते ही मोदी असर शुरू .. श्रीलंका ने चीन को कहा – हमारे सैन्य ठिकानों से दूर रहो


कभी कोई विदेश यात्रा के नाम पर कमेंट करे , कभी कोई उसे किसी अन्य तरीके से परिभाषित करे .. पर जहां प्रयास होते हैं वहां परिणाम आते हैं ,,और ऐसा ही हुआ है नरेंद्र मोदी जी की श्रीलंका यात्रा के दौरान ..

सन 2014 में चीन भारत को घेरने की सामरिक दृष्टि से अपनी पनडुब्बी श्रीलंका के बन्दरगाह पर रखने के लिए श्रीलंका को सहमत कर गया था ..ये चीन की हिन्द महासागर पर दिखाई जाने वाली दादागीरी का एक हिस्सा था ..2014 में हम ना श्रीलंका को समझा सके ना ही चीन को रोक सके थे और भारत की सामरिक सत्ता में चीन ने दखल दिया था ..

इस बार भी चीन ने ऐसी ही अनुमति मांगी थी श्रीलंका से ..यद्द्पि शुरुआत में श्रीलंका ने चीनी पनडुब्बी को अपने बंदरगाह पर रखने की अनुमति दे दी थी पर माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी जी की श्रीलंका यात्रा के पहले ही दिन आज श्रीलंका ने चीन से साफ कह दिया कि वो चीनी पनडुब्बी को अपने देश मे रखने की अनुमति नहीं देता .. अंतराष्ट्रीय जगत में ये चीन के मुंह पर भारत का एक जोरदार तमाचा माना जा रहा है ..

उधर श्रीलंका की बौद्ध परंपरा और भारत की संस्कृति को आपस मे मिला कर एक करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी जी बौद्ध मंदिर में जा कर पूजा अर्चना की ,, साथ ही वो तमिलों से भी मिल कर उनके उत्थान आदि के विषय मे चर्चा करेंगे ….


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